मध्य प्रदेश कैबिनेट में बड़े फैसले —
दूध उत्पादन में 25% वृद्धि, ₹1200 Cr सिंचाई परियोजना मंजूर
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।
में ऐतिहासिक वृद्धि
परियोजना लागत
अगला लक्ष्य (2 वर्ष)
बजट मंजूर
मंजूर
जुर्माना
- पिछले वर्ष की तुलना में 25% वृद्धि — ऐतिहासिक उपलब्धि
- उन्नत नस्ल के पशु वितरण योजना सफल
- पशु चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार
- दुग्ध संग्रहण केंद्रों की संख्या बढ़ाई
- अगला लक्ष्य: 2 वर्ष में 30% और वृद्धि
- बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के किसानों को लाभ
- नहरों का जीर्णोद्धार और नई ड्रिप सिंचाई
- तालाबों और जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण
- भूजल स्तर सुधारने का लक्ष्य
- खरीफ + रबी दोनों फसलों को फायदा
- सहकारी डेयरियों को अनुदान योजना मंजूर
- दूध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य
- कोल्ड स्टोरेज व परिवहन व्यवस्था सुदृढ़
- किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित
- विशेष डेयरी प्रोत्साहन पैकेज पर काम
- उर्वरक-कीटनाशक कालाबाजारी पर ₹50,000 जुर्माना
- 3 साल तक कारावास का प्रावधान
- किसानों को सस्ते बीज-उर्वरक मिलेंगे
- बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी
- ऑनलाइन पोर्टल से सीधे खरीदारी
- सरकारी एजेंसियों से डायरेक्ट संपर्क
- उचित मूल्य पर बीज और उर्वरक
- पारदर्शी व्यवस्था — भ्रष्टाचार कम होगा
- 10 जिलों में नए PHC मंजूर
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ेंगी
- ग्रामीण विकास विभाग द्वारा क्रियान्वयन
- ₹200 करोड़ बजट स्वीकृत — स्कूली शिक्षा विभाग
- सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापना
- डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा — ग्रामीण छात्रों को फायदा
- प्रदेश भर के सरकारी विद्यालयों में लागू
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने आज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक में दूध उत्पादन में हुई 25 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़ोतरी के आंकड़े पेश किए गए, साथ ही राज्य में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए एक नई महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी गई।
कैबिनेट बैठक में सबसे उल्लेखनीय आंकड़ा दूध उत्पादन को लेकर रहा। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। यह उपलब्धि सरकार की पशुपालन एवं डेयरी विकास नीतियों का परिणाम मानी जा रही है। उन्नत नस्ल के पशुओं का वितरण, पशु चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार और दुग्ध संग्रहण केंद्रों की संख्या बढ़ाने जैसे प्रयासों ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है। सरकार का लक्ष्य अगले 2 वर्षों में 30 प्रतिशत और वृद्धि करना है।
कैबिनेट ने राज्य के सूखाग्रस्त इलाकों, विशेष रूप से बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र, के लिए ₹1,200 करोड़ की सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी। इसके तहत नहरों का जीर्णोद्धार, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, तालाबों का जल संरक्षण और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए संरचनाएं बनाई जाएंगी।
दूध उत्पादन में हुई वृद्धि को और गति देने के लिए सहकारी डेयरियों को अनुदान देने की योजना मंजूर की गई। कोल्ड स्टोरेज और दुग्ध परिवहन व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाएगा। सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश दूध और दुग्ध उत्पादों के निर्यात में अग्रणी राज्य बने।
उर्वरकों-कीटनाशकों की कालाबाजारी रोकने के लिए ₹50,000 तक जुर्माना और 3 साल की कैद का प्रावधान किया गया है। साथ ही, एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च होगा जिसके जरिए किसान सीधे सरकारी एजेंसियों से बीज-उर्वरक खरीद सकेंगे — बिचौलिए नहीं रहेंगे।
बैठक में ₹200 करोड़ के बजट से सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित करने को मंजूरी मिली। साथ ही 10 जिलों में नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) खोलने की भी अनुमति दी गई, जहाँ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
