राष्ट्रीय: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के एक विवादित बयान के बाद सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) नाम का एक व्यंग्यात्मक अभियान तेजी से चर्चा में आ गया है। हालांकि, जस्टिस सूर्यकांत ने बाद में स्पष्ट किया कि उनके बयान को मीडिया के एक वर्ग ने गलत तरीके से प्रस्तुत किया।
इस पूरे विवाद के बीच युवाओं ने सोशल मीडिया पर इसे व्यंग्य के रूप में लेते हुए एक डिजिटल आंदोलन की शुरुआत कर दी। “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से बनाई गई इस पैरोडी पहल को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला है। इस अभियान की वेबसाइट लॉन्च हो चुकी है और इंस्टाग्राम पर इसके 40 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं। वहीं, करीब दो लाख लोग इसकी सदस्यता के लिए रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं।
इस अभियान की शुरुआत अभिजीत दीपके ने की, जो महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले हैं और फिलहाल बोस्टन में पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत के बयान से उन्हें गुस्सा और निराशा हुई, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। वहां से उन्हें युवाओं का व्यापक समर्थन मिला और एक मज़ाक के तौर पर “कॉकरोच जनता पार्टी” का विचार सामने आया।
इस पार्टी की सदस्यता के लिए उन्हीं विशेषताओं को पात्रता बनाया गया है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर युवाओं के लिए किया गया था—जैसे बेरोज़गारी, आलस्य और सोशल मीडिया पर सक्रियता। कुछ ही घंटों में यह विचार वायरल हो गया और बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ने लगे।
बीबीसी मराठी से हुई बातचीत में अभिजीत ने कहा कि यह सिर्फ एक मज़ाक नहीं बल्कि युवाओं की निराशा और गुस्से का प्रतीक बन गया है। कई चर्चित हस्तियों ने भी इस अभियान का समर्थन किया है, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ी है।
डिजिटल विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभियान पारंपरिक राजनीतिक प्रचार से अलग है और बिना बड़े संसाधनों के भी तेज़ी से लोकप्रिय हुआ है। इसकी सफलता का कारण युवाओं के भीतर बढ़ती असंतुष्टि और अपनी बात कहने के लिए एक मंच की तलाश को माना जा रहा है।
अभिजीत दीपके का मानना है कि यह पहल भारत के जेन ज़ी की सोच को दर्शाती है, जो हिंसा के बजाय व्यंग्य और रचनात्मक तरीकों से अपनी बात रख रहे हैं। उनका कहना है कि आने वाले समय में युवा बदलाव की मांग को और मजबूती से सामने लाएंगे।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह अभियान भविष्य में एक बड़े युवा आंदोलन का रूप ले सकता है और वह खुद भी भारत लौटकर इसे आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।

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