जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन से जुड़े एक मामले में पुलिस ने बरेली जिले के जगनेवा गांव में छापेमारी कर चार बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया। ये मजदूर मानसिक रूप से कमजोर बताए जा रहे हैं और उन्हें बंधक बनाकर जबरन काम कराया जा रहा था।
पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव में कुछ लोगों को बंद कमरे में रखकर उनसे खेत और पशुओं का काम कराया जा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने रात में सर्च ऑपरेशन चलाया और टिन शेड के एक बंद कमरे से चारों मजदूरों को बाहर निकाला।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने पाया कि मजदूर बेहद खराब हालत में थे और उनसे मारपीट कर काम कराया जाता था, जबकि उन्हें केवल भोजन दिया जाता था।
इस मामले में मुख्य आरोपी मकान मालिक हरिहर प्रसाद दांतरे को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका बेटा मौके से फरार हो गया। पुलिस ने पीड़ित मजदूरों को सुरक्षित निकालकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह घटना बंधुआ मजदूरी जैसी गंभीर समस्या को उजागर करती है, जहां कमजोर और असहाय लोगों का शोषण किया जाता है।
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