दुधमुहे बच्चों के साथ चिता पर लेटीं आदिवासी महिलाएं, जानें पूरा मामला

छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत प्रस्तावित ढोड़न बांध को लेकर आदिवासी समुदाय का विरोध तेज हो गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने ‘चिता आंदोलन’ के जरिए अनोखा प्रदर्शन करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।


अंग्रेजी दैनिक अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक इस आंदोलन में बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं शामिल हुईं, जिन्होंने प्रतीकात्मक रूप से चिता पर लेटकर विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि परियोजना के कारण उनकी जमीन, जंगल और आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें उचित मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिला है, जबकि प्रशासन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है। उनका कहना है कि बिना न्याय के वे आंदोलन जारी रखेंगे।

केन-बेतवा लिंक परियोजना करीब 44 हजार करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र में पानी की समस्या को दूर करना है। इसके तहत बांध और नहर नेटवर्क का निर्माण किया जाना है, जिससे लाखों लोगों को सिंचाई और पेयजल सुविधा मिलने का दावा किया जा रहा है।

हालांकि, स्थानीय आदिवासी और किसान इस परियोजना को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानते हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक विरोध जारी रहेगा।

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