बुंदेलखंड में किसानों की नई मुसीबत: सूखे से बड़ी चुनौती बने आवारा पशु और जंगली जानवर

भोपाल/बुंदेलखंड। मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में किसानों के सामने अब सूखे से भी बड़ी समस्या उभरकर सामने आई है। फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले नीलगाय, जंगली सूअर और आवारा पशु खेती को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों की आजीविका संकट में पड़ गई है।



डाउन टू अर्थ की एक रिपोर्ट के मुताबिक किसानों का कहना है कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि उन्हें दिन-रात खेतों में रहकर फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है। कई किसान खेतों में अस्थायी झोपड़ियां बनाकर वहीं रहने को मजबूर हैं, ताकि जानवरों को फसलों से दूर रखा जा सके।

फसलों को भारी नुकसान के कारण उत्पादन में तेज गिरावट आई है। तिल, चना और मटर जैसी फसलों की पैदावार कई जगह आधी से भी कम रह गई है। कई किसानों का दावा है कि जानवर 50 से 75 प्रतिशत तक फसल बर्बाद कर देते हैं, जिससे खेती करना घाटे का सौदा बनता जा रहा है।

स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई किसान खेती छोड़ने या शहरों की ओर पलायन करने पर विचार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या केवल कृषि ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है।

किसानों ने सरकार से मांग की है कि फसल सुरक्षा के लिए ठोस उपाय किए जाएं, ताकि खेती को फिर से लाभकारी बनाया जा सके।

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