झांसी: झांसी के सिविल लाइंस स्थित इलाहाबाद बैंक तिराहे के पास अरबों रुपये की बेशकीमती जमीन हड़पने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। प्राथमिकी दर्ज होते ही अधिकांश आरोपी शहर छोड़कर फरार हो गए हैं, जिनमें से कुछ विदेश तक पहुंच चुके हैं। एक नामी जमीन कारोबारी थाईलैंड भाग गया है, जबकि दूसरा बाली (इंडोनेशिया) में शरण लिए हुए बताया जा रहा है।
होशंगाबाद निवासी राघवेंद्र पालीवाल की शिकायत पर नवाबाद थाने में 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसमें कई बड़े जमीन कारोबारी और प्रभावशाली नाम शामिल हैं। एफआईआर के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर नजरी नक्शा तैयार किया और जांच शुरू कर दी है, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
सियासी एंगल क्या है?
जांच के दौरान यह सामने आया है कि विवादित जमीन की रजिस्ट्री कई भाजपा नेताओं के नाम पर भी है। यही वजह है कि पुलिस बेहद सतर्कता से कदम बढ़ा रही है और पहले ठोस सबूत जुटाने पर जोर दे रही है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि पिछले तीन वर्षों से इस जमीन पर प्लॉटिंग का काम चल रहा था और इसकी कीमत 25 से 35 हजार रुपये प्रति वर्गफीट तक पहुंच चुकी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इतने बड़े स्तर पर जमीन का खेल बिना राजनीतिक संरक्षण के कैसे संभव हुआ?
पुलिस का रुख
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति के अनुसार, मामले की विवेचना जारी है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, आरोपियों के फरार होने और राजनीतिक कनेक्शन सामने आने से जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।

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