छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर विरोध तेज हो गया है। परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों और आदिवासी समुदाय के साथ सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। आंदोलन का मुख्य मुद्दा उचित मुआवजा, पुनर्वास और विस्थापन प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं हैं।
जानकारी के अनुसार, परियोजना से प्रभावित लोगों का आरोप है कि बिना पर्याप्त सूचना और पारदर्शिता के उनके घरों को तोड़ा गया और मुआवजा भी मनमाने तरीके से तय किया गया। कई परिवारों को अभी तक उचित राहत नहीं मिल पाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन से कई बार बातचीत के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते आंदोलन को तेज करना पड़ा। इस विरोध में ‘चिता आंदोलन’, ‘मिट्टी सत्याग्रह’ और ‘जल सत्याग्रह’ जैसे प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं, जो क्षेत्र में बढ़ते असंतोष को दर्शाते हैं।
भूख हड़ताल पर बैठे अमित भटनागर का कहना है कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय, उचित मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच प्रशासन की ओर से वार्ता और समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना को बुंदेलखंड क्षेत्र में पानी की कमी दूर करने के लिए अहम माना जा रहा है, लेकिन इसके कारण बड़े पैमाने पर विस्थापन और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर विरोध लगातार जारी है।

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