चित्रकूट में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने बांधी काली पट्टी, 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

मानिकपुर (चित्रकूट)। समान कार्य, समान वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों ने विरोध शुरू कर दिया है। शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मानिकपुर में चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर अपनी नाराजगी जाहिर की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे। इससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।



15 से 18 साल की सेवा के बाद भी समान सुविधाओं का इंतजार

संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि वे पिछले 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत ये कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और अन्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

कर्मचारियों के मुताबिक, समान प्रकृति का काम करने के बावजूद वेतन और सुविधाओं में अंतर होने से उन्हें आर्थिक और सामाजिक स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी को लेकर उन्होंने सरकार से समान कार्य के लिए समान वेतन, ग्रेच्युटी, भत्ते और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

9 और 10 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर विरोध

प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने 9 और 10 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने का कार्यक्रम तय किया है। इसी क्रम में मानिकपुर सीएचसी में चिकित्सकों और अधीनस्थ स्वास्थ्य कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य लंबे समय से लंबित मांगों की ओर सरकार और स्वास्थ्य विभाग का ध्यान आकर्षित करना है। उनका कहना है कि वर्षों तक सेवा देने के बाद भी यदि उन्हें समान कार्य के अनुरूप वेतन और सामाजिक सुरक्षा के लाभ नहीं मिलते, तो यह उनके साथ असमानता है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो 12 अक्टूबर से हड़ताल

संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल होंगे। कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और सरकार संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और प्रस्तावित हड़ताल को रोकने के लिए कोई पहल की जाती है या नहीं।

ये लोग मौजूद रहे

विरोध प्रदर्शन के दौरान डॉ. रजत गुप्ता, डॉ. पवन सिंह, डॉ. मोहम्मद सलमान, डॉ. रमेश वर्मा, डॉ. श्रद्धांजलि यादव, डॉ. अभिषेक द्विवेदी, डॉ. संजीव द्विवेदी, जगमोहन सिंह, सोनम श्रीवास्तव, ममता गुप्ता, विपिन यादव, शिवकांत, ज्योति वर्मा, संजय सिंह, कु. पूनम, मीरा देवी, सुदामा प्रसाद, विनय द्विवेदी, रामकृष्ण, अश्वनी सोनी और आशीष सिंह सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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