जयंत मलैया ही नहीं, उनके बेटे सिद्धार्थ मलैया के राजनीतिक भविष्य पर भी सवाल

पूर्व मंत्री जयंत मलैया दमोह विधानसभा सीट से सात बार विधायक रहे चुके है , लेकिन 2018 के चुनाव में उन्हें राहुल सिंह लोधी ने पटकनी दे दी थी । राहुल कांग्रेस की टिकट पर जीते लेकिन फिर बीजेपी में शामिल हो गए थे । अब होने वाले उपचुनाव होने वाले में बीजेपी ने राहुल को अपना उम्मीदवार बनाने का ऐलान कर दिया। इससे जयंत मलैया ही नहीं, उनके बेटे सिद्धार्थ मलैया के राजनीतिक भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए। चर्चा है कि अपने गृह क्षेत्र में अपना राजनीतिक वजूद बनाए रखने के लिए जयंत अपने बेटे को निर्दलीय चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। 



सीएम ने किया राहुल लोधी की उम्मीदवारी का ऐलान

पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दमोह आए था तब उन्होंने उपचुनाव में राहुल सिंह लोधी को बीजेपी का उम्मीदवार घोषित कर दिया था । इसके बाद से क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। चर्चाएं हैं कि अपना गढ़ बचाए रखने के लिए पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया अपने बेटे सिद्धार्थ को चुनावी अखाड़े में तैयारी का मन बना रहे हैं।

मुलाकात ने बढ़ाई बीजेपी की चिंता

सोमवार को सिद्धार्थ मलैया प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी दावेदारी की घोषणा करने वाले थे। इन अफवाहों को बल तब मिला जब सिद्धार्थ की मां शक्तिपुत्र महाराज से मिलने गईं। महाराज का दमोह क्षेत्र में अच्छा प्रभाव है और मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के कान खड़े हो गए।

पार्टी नेतृत्व का बुलावा

प्रेस कॉन्फ्रेंस की जानकारी मिलते ही सीएम शिवराज और प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने जयंत मलैया को तत्काल भोपाल बुलाया। राजधानी में पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ मलैया की बातचीत हुई और उन्हें मनाने की कोशिश की गई। हालांकि, पार्टी या जयंत मलैया ने इस बारे में अब तक कुछ नहीं बताया और अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि मान-मनौव्वल का कितना असर मलैया पर हुआ है।

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