कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आरसेटी परामर्श समिति की तिमाही बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें प्रशिक्षण, स्वनियोजन व लंबित क्लेम की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि कई बार महिलाएं प्रशिक्षण लेना चाहती हैं और वह पीछे रह जाती हैं इसलिए महिलाओं की सहभागिता भी बढ़ाएं।
बुधवार को बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर मोमबत्ती, बकरी पालन, ब्यूटी पार्लर प्रबंधन विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाए जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल सके। उन्होंने संयोजक विभाष कुमार साहा निदेशक आरसेटी से कहा कि वह कंप्यूटर तथा डिटर्जेंट पाउडर जैसे विषयों पर प्रशिक्षण शीघ्र कराएं। बैठक में मौजूद अधिकारियों से कहा कि वह लोग रोजगार परक योजनाओं को लोगों को बताएं जिससे लोग आत्मनिर्भर बन सकें। इस दौरान एके दीक्षित, श्रीप्रकाश कुमार जिला विकास प्रबंधक नावार्ड, अनुपम गुप्ता अग्रणी जिला प्रबंधक, द्वारिका प्रसाद जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, कमल किशोर आर्यावर्त बैंक क्षेत्रीय कार्यालय, विजय सिंह गौतम डूडा कार्यालय, दुर्गा प्रसाद, नवल किशोर जिला मिशन प्रबंधक एनआरएलएम, रवि शुक्ल व किशन गुप्ता मौजूद रहे।
वाहन चालकों को दिया प्रशिक्षण: सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में बुधवार को सेव लाइफ फाउंडेशन के सहयोग से सभी 75 जिलों को जोड़ कर बस, ट्रक, टेंपो, टैक्सी, आटो व ई-रिक्शा चालकों को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रश्नकाल के आयोजन में सभी वाहन चालकों द्वारा शहर के भीतर अथवा राजमार्ग पर वाहन चलाते समय आने वाली कठिनाइयों से संबंधित प्रश्न पूछे गए। साथ ही सुझाव दिए गए। कार्यक्रम का समापन सड़क सुरक्षा का शपथ दिलाकर किया गया। कार्यालय में चालक लाइसेंस के आवेदकों व फिटनेस कार्य के लिए आए वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा की जानकारी भी प्रदान की गई। अंगदान के विषय में भी जागरूक किया गया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सौरभ कुमार ने बताया कि आम लोगों को जागरूक करने के लिए ऐसे आयोजन किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम में अमित वर्मा, संजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।
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