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ढोल बजाकर नाचे CM शिवराज:संस्कृतिक गांव आदिवर्त का किया लोकार्पण; कहा-खजुराहो की कला-संस्कृति दुनिया को दिखाना है

 मुख्यमंत्री ने आदिवर्त गांव की लोकार्पण पट्टिका का अनावरण भी किया। यहां उन्होंने लिखंदरा प्रदर्शनी, संग्रहालय और संगीत नृत्य दीर्घा का अवलोकन भी किया। जनजातीय वर्ग के आवासों में पहुंचकर उनके रहन सहन और संस्कृति का अवलोकन भी किया। उन्होंने चित्रकला दीर्घा का अवलोकन भी किया, जिसमें जनजातीय वर्ग की लोक कला को चित्रांकन के जरिए प्रदर्शित किया गया है।



सीएम ने अगरिया जनजाति द्वारा लोहे से पत्थर बनाने की प्रक्रिया को भी देखा। मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों ने सांस्कृतिक गांव आदिवर्त की सराहना की। जनजातीय एवं लोक कला के संग्रहालय में प्रदेश की प्रमुख जनजातियों, क्रमशः गोंड, बैगा, भील, भारिया, कोरकू, कोल एवं सहरिया के साथ साथ पांचों सांस्कृतिक जनपदों क्रमशः बघेलखंड, बुंदेलखंड, मालवा, निमाड़ एवं चंबल जनपद के प्रतिनिधिक आवासों और जीवनउपयोगी वस्तुओं का निर्माण कर प्रदर्शित किया गया है।

इस मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, हम सारी दुनिया का गम दूर करते हैं। कला, संस्कृति को जीवित रखने वाले मंच को मैं प्रणाम करता हूं। मेरे कलाकार, भांजे-भांजियों को भी प्रणाम करता हूं। ये अपनी कला है, मध्यप्रदेश की परंपरा है। अलग-अलग लोकनृत्य, ये हमको जीवित रखना है और आगे भी बढ़ाना है। आदिवर्त अद्भुत बना है। दो साल पहले हमने तय किया था कि यहां ऐसा संग्रहालय बनाया जाएगा।

सीएम ने आगे कहा मध्यप्रदेश की जनजाति, समुदाय की कला, संस्कृति, खानपान, वेशभूषा, रहन-सहन, तीज-त्योहार, भाषा, बोलियां, नृत्य, संगीत सब कुछ अद्भुत है। इस कला को पूरी दुनिया को दिखाना है। खजुराहो में पूरी दुनिया आएगी और बिना आदिवर्त को देखे नहीं जाएगी।

कार्यक्रम स्थल महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर है। खजुराहो में प्रशासनिक चाक-चौबंद व्यवस्था के साथ नगर में 144 धारा लागू कर रेड जोन और नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया, आर्थिक रूप से कमजोर कलाकार, जिन्होंने मध्यप्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी वित्तीय सहायता राशि 800 रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए की जाएगी। कलाकार के निधन पर उनके परिवार को भी 3500 रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाएगी। कला के प्रदर्शन के लिए अलग-अलग स्थानों पर बुलाए जाने वाले कलाकारों को अब तक 800 रुपए प्रतिदिन मानदेय दिया जाता था, इसको बढ़ाकर 1500 रुपए किया जाएगा, जो भत्ता 250 रुपए प्रतिदिन था वो 500 रुपए किया जाएगा। छतरपुर-पन्ना सांसद वीडी शर्मा ने खजुराहो एयरपोर्ट पर पहुंचकर जी-20 सम्मेलन में शामिल होने आए मेहमानों का स्वागत किया।

जानें मेहमानों को डिनर में क्या-क्या खिलाया गया?

जी-20 बैठक के लिए आए विदेशी मेहमानों के लिए डिनर की व्यवस्था रेडिसन होटल में की गई है। होटल के फूड डिपार्टमेंट के कर्मचारी ने बताया कि मेहमानों को मक्का बाजार की रोटी, तंदूर रोटी, तबा रोटी, पापड़ पूड़ी, मसाला पूड़ी, चौरई की भाजी, पापड़ की सब्जी, बुंदेली व्यंजन, सिघाड़ा, हलुआ, चाइनीज आइटम, चिकन करी, पनीर के व्यंजन, पास्ता, मैक्रोनी और इटालियन ग्रिड परोसा गया। स्थानीय कलाकारों के दल ने रंगीन परिधान पहनकर बुंदेली परंपरा, संस्कार, संस्कृति और लोकगीतों के साथ विदेशी मेहमानों का स्वागत किया।

बुंदेली नृत्य से हुआ स्वागत

विदेशी मेहमानों के खजुराहो की धरा पर पहुंचने पर स्थानीय कलाकारों के दल ने रंगीन परिधान पहनकर बुंदेली परंपरा, संस्कार, संस्कृति और लोकगीतों के साथ उनका स्वागत किया। जी-20 समिट के लिए खजुराहो के एयरपोर्ट पर विदेशी मेहमानों का रमतूला की धुन, ढोल की थाप, बुंदेली नृत्य राई और संगीत की लय और ताल पर आनंद से झूमते और नाचते नजर आए। आयोजन के चलते खजुराहो में सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने नगर में 144 धारा लागू कर रेड जोन और नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया है। स्वागत किया गया। विदेशी मेहमान भी स्वागत दल के सदस्यों के गले में बाहें डालकर और हाथों में हाथ लेकर

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