जालौन: अस्थायी रास्ता बंद होने से लोगों में आक्रोश

उरई | शहर के कोंच रोड को जोड़ने वाले निर्माणाधीन सुहाग महल पुल पर बना अस्थायी रास्ता बंद कर देने से क्षेत्रीय लोगों और दुकानदारों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को दर्जनों लोग नगर पालिका पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। उनका आरोप है कि पीडब्ल्यूडी की लापरवाही के कारण एक महीने से लोगों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है। पुल के पास बनी 60 से 70 दुकानों का व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है।



पीडब्ल्यूडी ने जर्जर हो चुका पुल तोड़कर इसके पुनर्निर्माण के लिए लगभग दो करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कराया था। निर्माण कार्य शुरू भी हुआ, लेकिन विभाग की सुस्ती के चलते 25 जुलाई बीतने के बाद भी अब तक सिर्फ 50 फीसदी काम ही हो पाया, जबकि तय समय सीमा सिंतबर है। इस दौरान लोगों की सुविधा के लिए एक अस्थायी रास्ता बनाया गया था, जिसे 30 जून को भारी बारिश के कारण बंद कर दिया गया।

अब यह रास्ता पूरी तरह से सील कर दिया गया है, जिससे आम जनता, विशेषकर ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों को लगभग तीन किलोमीटर का चक्कर लगाकर शहर के भीतर आना पड़ रहा है। इससे केवल आमजन ही नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापारियों को भी गहरी चोट पहुंची है।

शुक्रवार को अशर्फी लाल चौरसिया, विनोद कुमार, राहुल, उदम, कलिंदर, अब्दुल, सुरेश गुप्ता समेत कई दुकानदार पालिका पहुंचे और प्रशासन के प्रति नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पुल के कारण पूरे बाजार की रौनक खत्म हो गई है। ग्राहक अब दूसरे रास्तों से बाईपास होकर बाजार में जा रहे हैं, जिससे हमारी दुकानदारी पूरी तरह ठप हो गई है।

व्यापारियों का कहना था कि यदि अधिकारी समय से निर्माण कार्य पूरा कराते तो जून-जुलाई में ही पुल चालू हो जाता और व्यापार व आमजन को परेशानी नहीं होती। दो कदम दूर बस स्टैंड जाने के लिए भी अब तीन किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। वहीं, पालिका के सफाई निरीक्षक संदीप कुमार ने विरोध सुनने के बाद लोगों को आश्वस्त किया कि वे पीडब्ल्यूडी से संपर्क कर समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।

साभार : अमर उजाला

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