छतरपुर : छतरपुर में लगा लखपति दीदियों का मेला — आकांक्षा हाट फेयर, जहाँ बुंदेली कला, संस्कृति और स्वाद का हुआ अद्भुत संगम।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आह्वान लगातार किया है. पीएम कहते हैं हम उन वस्तुओं को खरीदेंगे, जिन्हें बनाने में किसी न किसी भारतीय का पसीना बहा है. पीएम मोदी के आह्वान पर छतरपुर की लखपति दीदियों ने वोकल फॉर लोकल मेले का आयोजन किया. इस मेले में बुन्देली कला, कल्चर पहनावा और रक्षाबंधन की देसी राखियों का अनोखा संगम देखने को मिला. स्व सहायता समूहों की महिलाओं ने इस मेले में अपने अपने बुन्देली स्टॉल लगाकर लोगों को चौंका दिया. इस मेले का नाम आकांक्षी हाट रखा गया है.

आकांक्षा हाट मेला आयोजित

बुंदेलखंड की कला, सांस्कृतिक विरासत और खानपान वेषभूषा रहन-सहन को जीवित रखने और रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लगातार जिले में प्रयास किए जाते हैं. इसी के तहत छतरपुर में जिला पंचायत कार्यालय के सामने आकांक्षा हाट यानी मेला लगाया गया है. इस हाट में महिलाओं द्वारा बनाई गई सामग्री को स्टॉल लगाकर बेच रही है. पीएम मोदी के वोकल फॉर लोकल के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए आत्मनिर्भर बन रही हैं.

क्या होता है आकांक्षी जिला?

दरअसल, छतरपुर जिला आकांक्षी जिलों में से एक है. आकांक्षी जिलों का मतलब ऐसे जिले जो सामाजिक, आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं. जिन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष ध्यान और प्रयास की आवश्यकता होती है. नीति आयोग के द्वारा आकांक्षी जिला कार्यक्रम चलाया जाता है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य इन जिलों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सुधार करना होता है.

घर में तैयार सामानों के लगाए स्टॉल

वोकल फॉर लोकल की संकल्पना अनुसार स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने एवं उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आकांक्षा हाट का आयोजन किया गया है. इसमें आजीविका मिशन की महिला स्व सहायता समूहों, किसान संगठनों एवं उत्पादक समूहों के देसी उत्पाद को विक्री के लिए महिलाओं ने स्टॉल लगाए हैं. आकांक्षा हाट का शुभारंभ छतरपुर विधायक ललिता यादव ने किया. इस दौरान जिला पंचायत सीईओ तपस्या परिहार के साथ डीपीएम एनआरएलएम श्याम गौतम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

बुन्देली खानपान और मिट्टी के बर्तन स्टॉल पर लगी भीड़

आकांक्षी जिला में आने वाले छतरपुर जिले के स्थानीय उत्पादों और महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार व्यवस्था से जोड़ने एवं जन समुदाय को शुद्ध देसी खाद्य उत्पाद जैसे हल्दी, धनिया, मिर्च पाउडर, खाद्य तेल, अचार, बड़ी, पापड़, दालें, दलिया, आंवला उत्पाद, बुन्देली व्यंजन, अंकुरित अनाज फ्रूट चाट आदि सहित हस्तशिल्प, मृदा शिल्प, हैण्डलूम, अगरबत्ती, वुडन आर्ट, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, टेस्टी नमक, राखी, हरछठ (हलषष्ठी) की सामग्री मेले में लोगों को आकर्षण करती रही. वही हाट में टेराकोटा हस्तकला ने जमाई झांकी, मिट्टी से निर्मित खिलौने और सजावटी सामग्री भी आकर्षण का केंद्र थी.

आत्मनिर्भर बन रहीं हमारी महिलाएं

छतरपुर विधायक ललिता यादव ने बताया, "पीएम मोदी का नारा है देश का पैसा देश में रहे. महिलाओं द्वारा मेला लगाया गया है. हम लोगों ने हर स्टॉल पर जाकर देखा कि बहनों ने कई प्रकार की सामग्री बनाई है. रक्षाबंधन की सुंदर राखियां, बुन्देली कल्चर के खाने वाली सामग्री, टेरा कोटा की जमाई झांकी, मिट्टी से निर्मित खिलौने, बर्तन बहुत ही शानदार हैं, महिलाये हमारी आत्मनिर्भर बन रही है."

साभार : इटीवी भारत


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