भगवान राम की तपोभूमि धर्मनगरी चित्रकूट में भादौं माह की अमावस्या से एक दिन पहले ही श्रद्धालुओं का आना शुरु हो गया है। फिलहाल अभी पैदल श्रद्धालु पहुंच रहे है। अमावस्या में इस बार भीड़ अधिक आने की संभावना को देखते हुए यूपी-एमपी प्रशासन ने अपनी-अपनी तरफ पहले से ही इंतजाम किए है।
प्रशासन ने प्रमुख चौराहों की सजावट के साथ ही कई जगह रंग-बिरंगी रोशनी बिखेर रही लाइटों के साथ गेट भी बनवाए है। भादौं माह के अमावस्या मेला का धर्मनगरी चित्रकूट में अधिक महत्व माना जाता है। इस बार 22 व 23 अगस्त दो दिन अमावस्या मानी जा रही है।
फलस्वरुप जिला प्रशासन ने अमावस्या के एक दिन पहले 21 अगस्त गुरुवार से ही तैयारियां कर ली है। आगामी 25 अगस्त की आधी रात तक मेला क्षेत्र में भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई जा चुकी है। इधर प्रशासन ने धनुष चौराहा, बेडीपुलिया तिराहा, यूपीटी तिराहा, निमार्ेही अखाड़ा, रामघाट में सजावट भी कराई है। कई जगह बल्लियों के सहारे गेट बनाकर उनमें भगवान राम, लक्ष्मण, माता जानकी के अलावा हनुमान के चित्र लगाकर उनमें रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरने वाली झालरें लगवाई गई है। पूरे मेला क्षेत्र में साफ-सफाई का इंतजाम किया गया है। यूपी क्षेत्र में 13 स्थानों पर वाहनों को रोकने के लिए पार्किंग स्थल भी बनाए गए है। प्रशासन ने तीन जोनल, 21 सेक्टर व 11 मजिस्ट्रेटों को व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी है। इधर अमावस्या के एक दिन पहले से ही धर्मनगरी चित्रकूट में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरु हो गया है। गुरुवार को सुबह से ही पैदल श्रद्धालुओं के जत्थे विभिन्न मार्गों से होकर धर्मनगरी चित्रकूट की तरफ जाते दिखाई देते रहे। काफी श्रद्धालु ट्रेनों के जरिए भी पहुंच रहे है। प्रशासन ने इस बार करीब 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई है। इसको देखते हुए भीड़ को नियंत्रित करने व सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। मेला क्षेत्र में खुफियातंत्र की टीमें सक्रिय की गई है।
साभार : लाइव हिंदुस्तान

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