Mahoba : ऐसी माटी न भारत के खंड-खंड में, जनम दइयो विधाता बुंदेलखंड में..

महोबा। कजली महोत्सव में मंगलवार की रात आल्हा मंच पर बुंदेली लोक विधाओं की धूम रही। बुंदेलखंड के प्रसिद्ध कलाकारों ने गायन व नृत्य की प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनमोह लिया।


मऊरानीपुर से आए आकाशवाणी दूरदर्शन कलाकार रामाधीन आर्य एंड पार्टी व बलवीर बलदाऊ ने सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत कराई। रामाधीन ने डमरू की डमडम से निकला गीत की प्रस्तुति दी। ज्योति नादान ने जवाबी कीर्तन, सुनीता राज ने दे रई बुलउआ बागेश्वर को... प्रस्तुति दी। उन्होंने ऐसी माटी न भारत के खंड-खंड में, जनम दइयो विधाता बुंदेलखंड में प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीत लिया।

राकेश कुमार एंड पार्टी मऊरानीपुर के कलाकार कमलेश कुमार, पार्वती कुशवाहा, पवन कुमार, प्रदीप अवस्थी व रुद्ध ओमरे ने लोक गायन की प्रस्तुतियां दीं। आशाराम पाल एंड पार्टी ने रावण तोरी लंका में हनुमान आ गया...की प्रस्तुति से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। रमाकांत चोरिहार व आशा और पवन मधुकर पार्टी ने जवाबी लोकगीतों से समा बांधा। आल्हा मंच के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ ने कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

लघु नाटिका की प्रस्तुति से बताए सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव

महोबा। कजली मेला मंच पर बेसिक शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सीएमओ डॉ. आशाराम ने दीप जलाकर किया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय प्रेमनगर की छात्रा आशा व जानकी ने स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। उर्मिला ने गीत की प्रस्तुति से स्वच्छता का संदेश दिया। प्राथमिक विद्यालय मकरबई के बच्चों ने सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव पर आधारित लघु नाटिका की प्रस्तुति दी। कंपोजिट विद्यालय पसवारा के छात्रों ने लोक नृत्य पेश किया। इस मौके पर सांस्कृतिक मंच के नोडल संयोजक ओमप्रकाश तिवारी, अनिल शुक्ला, अरुण अवस्थी, ललित नारायण त्रिपाठी, नीतेश, नवनीत मिश्रा, शिवम आदि मौजूद रहे।

साभार : अमर उजाला


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