ललितपुर। शहर की सड़कों और सुम्मेरा तालाब समेत पांच दिव्य स्थानों पर बुधवार को आस्था का सैलाब उमड़ा। जलविहार पर्व पर विमानों में विराजमान भगवान बांकेबिहारी मंदिरों से निकलकर भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकले। परंपरागत मार्ग से होते हुए सुम्मेरा तालाब पहुंचे, जहां विभिन्न घाटों पर विमानों में विराजमान भगवान का पवित्र गंगाजल से मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक कराया गया। इसके साथ ही सुम्मेरा तालाब समेत पांच दिव्य स्थानों पर महाआरती का आयोजन किया गया।
मोहल्ला चौबयाना स्थित श्रीरघुनाथजी मंदिर से विमान यात्रा शुरू हुई। सबसे आगे श्री रघुनाथ मंदिर के विमान थे। उनके साथ विजय राघवजी मंदिर, गोविंद गढ़ी मंदिर, बांकेबिहारी मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, संकट मोचन मंदिर, वनखंडी समेत कई मंदिरों के विमान यात्रा में शामिल हो गए। विमान यात्रा रावरपुरा पहुंची, जहां मुरलीधर मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, बिहारी जू मंदिर, पुरानी बजरिया के रघुनाथजी मंदिर, जुगल किशोर व शिव मंदिर के विमान साथ हो गए।
घंटाघर स्थित श्री जगदीश मंदिर के सामने तुवन मंदिर, चंडी मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर समेत दो दर्जन से अधिक विमान दिव्य यात्रा में शामिल हुए, जो आगे बढ़ते हुए सावरकर चौक पहुंचे। यहां कुछ देर ठहरने पर नदीपुरा, छत्रसालपुरा, गोविंद नगर समेत कई मोहल्लों के विमान शामिल हुए। तालाबपुरा सड़क स्थित परमहंस मंदिर का विमान यात्रा का इंतजार करते हुए मिला। यहां विमानों पर फूलों की बारिश के साथ आरती की गई। यात्रा में सबसे पीछे परमहंस मंदिर का विमान शामिल हुआ।
तालाबपुरा रोड पर हर घर के सामने सड़क के दोनों ओर खड़े भक्तों ने आरती की और छतों से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। जगह-जगह हलुआ, बूंदी आदि मिष्ठान वितरित किया गया। सुम्मेरा तालाब के चमक रहे घाटों पर विमान पहुंचे, जहां पंडित दीपक दुबे, अभिषेक पुरोहित, हेमंत पाठक, राकेश स्वामी, दिनेश मिश्रा, दीपेश चौबे, शिवम चौबे, कृष्णकांत त्यागी, विवेक नायक आदि ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विमानों में विराजमान भगवान का पवित्र जल से अभिषेक कराया।
यह दृश्य देखने के लिए आस्था का सैलाब टूट पड़ा। हर कोई घाटों पर भगवान का अभिषेक देखने को आतुर दिखाई दिया। अभिषेक के बाद बुर्जों से दिव्य महाआरती का आयोजन किया गया। इसके बाद विमानों को भगवान के दर्शनों के लिए श्रीनृसिंह रामलीला मैदान में टेबलों का मंच बनाकर विराजमान किया गया। भक्तों ने भगवान के दर्शन किए और भोग भी लगाया।
करीब डेढ़ घंटे तक रुकने के बाद यहां विमानों की महाआरती की गई। इसके बाद यात्रा रात करीब साढ़े आठ बजे कटरा बाजार स्थित पंडाल में विराजमान गणेश दरबार पहुंची। यहां सड़क के दोनों ओर बनाए गए टेबलों के मंच पर विमानों को विराजमान किया गया और फिर से भगवान गणेश एवं विमानों में विराजमान भगवान बांकेबिहारी की महाआरती हुई।
विमानों की यात्रा जगदीश मंदिर के सामने और फिर थानेश्वर मंदिर पहुंची। यहां विमानों में विराजमान भगवान की भव्य महाआरती की गई। यहां से सभी विमान अपने स्थानों पर लौट गए, लेकिन मंदिरों में पहुंचने से पूर्व सभी विमान देर रात तक परंपरा अनुसार गली मोहल्लों में भक्तों के घर-घर पहुंचे। भक्तों ने आरती व पूजन किया और विमानों के नीचे से निकलकर परिक्रमा की।

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