चित्रकूट में घाटों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए आसपास की निजी और सरकारी जमीन अधिग्रहित की जाएगी। नगरीय प्रशासन और आवास विभाग जल्द ही इस पर काम शुरू करेगा। इसके साथ ही मझगवां में वन विभाग से जमीन हस्तांतरण और अमरकंटक में निजी व सरकारी जमीनों का चिह्नांकन भी किया जा रहा है, ताकि पर्यटन से जुड़े प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में बताया गया कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनने के बाद अब श्रद्धालुओं और पर्यटकों का ध्यान चित्रकूट की ओर बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए “श्रीराम पथ गमन” और “श्रीराम राजा लोक” जैसे भव्य प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं। इन योजनाओं में न सिर्फ धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का विकास किया जाएगा, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिक्रमा पथ का निर्माण सबसे पहले पूरा किया जाए, ताकि देश-विदेश के पर्यटक यहां आसानी से घूम सकें और चित्रकूट की धार्मिक पहचान को विश्व स्तर पर प्रचार मिले। घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव मिलना चाहिए।
साथ ही चित्रकूट में हेल्थ और वेलनेस सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं को विकास कार्यों से जोड़ा जाएगा, और बड़ी कंपनियों के CSR फंड से सेवा गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकार के इन प्रयासों से चित्रकूट का धार्मिक और पर्यटन स्वरूप और निखरेगा। घाटों का सौंदर्यीकरण, सड़कों का विकास और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी से चित्रकूट एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में उभरने जा रहा है।

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