झांसी में शहर कोतवाली पुलिस की बड़ी सफलता कुछ ही घंटों में सवालों के घेरे में आ गई। रविवार रात नगरिया कुआं रोड पर मुठभेड़ के बाद चोरी के आरोपी नदीम और उसके साथी दीपक जाटव को गिरफ्तार किया गया था। इनके पास से करीब 6 लाख रुपये के जेवरात और हथियार भी बरामद हुए थे। सोमवार सुबह तक पुलिस इस कार्रवाई का जमकर प्रचार कर रही थी, लेकिन दोपहर होते-होते पूरी कहानी पलट गई।
दरअसल, मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाए गए 19 वर्षीय नदीम पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। नदीम दतिया जिले का निवासी है और उस पर शहर में दो बड़ी चोरियों का आरोप है। उसके फरार होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पूरे शहर में सर्च ऑपरेशन भी चला दिया गया।
फरारी के दौरान नदीम ने चतुराई दिखाते हुए एक ऑटो चालक को झांसा दिया। वह भागते हुए एक ऑटो में बैठा और चालक अमित कुशवाहा से मां की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर दतिया गेट चलने को कहा। युवक के हाथ में हथकड़ी न होने के कारण चालक को कोई शक नहीं हुआ और उसने 150 रुपये में उसे बैठा लिया। रास्ते में नदीम 50 रुपये देकर यह कहकर उतर गया कि वह यहीं से जल्दी पहुंच जाएगा। बाद में पुलिस ने चालक को बताया कि वह एक फरार आरोपी को छोड़ आया है।
नदीम पर 22 फरवरी को पलक पैलेस और 12 मार्च को मेवातीपुरा में हुई चोरियों में शामिल होने का आरोप है। रविवार को हुई मुठभेड़ में बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग भी की थी। मौके से सोने-चांदी के आभूषण, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और एक बाइक बरामद हुई थी। सुबह तक जिसे पुलिस अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही थी, वही मामला शाम तक उसकी किरकिरी का कारण बन गया।
फिलहाल सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम के नेतृत्व में कई टीमें सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। कोतवाली प्रभारी के अनुसार, जिले की सीमाओं पर सख्त चेकिंग शुरू कर दी गई है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, जिला अस्पताल जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके से आरोपी का फरार होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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