उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा परिणाम 2026: 10वीं में 90.42% और 12वीं में 80.38% छात्र सफल, बेटियों का दबदबा बरकरार

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने 23 अप्रैल, 2026 को अपराह्न 4 बजे प्रयागराज स्थित मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में हाईस्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) की बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों की घोषणा कर दी। इस वर्ष लगभग 53 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी, जो देश की सबसे बड़ी बोर्ड परीक्षाओं में से एक है। परिणाम आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in और upresults.nic.in के साथ-साथ डिजीलॉकर, उमंग ऐप और एसएमएस के माध्यम से भी देखे जा सकते हैं।


 मुख्य हाइलाइट्स:


पास प्रतिशत: कक्षा 10वीं का समग्र पास प्रतिशत 90.42% रहा, जबकि कक्षा 12वीं में 80.38% छात्र सफल हुए।


बेटियों का जलवा: टॉप-10 मेधा सूची में अधिकांश स्थानों पर छात्राओं ने कब्जा किया, जो प्रदेश में बालिका शिक्षा के बेहतर स्तर को दर्शाता है।


टॉपर्स: कक्षा 10वीं में सीतापुर की कशिश वर्मा और बाराबंकी की अंशिका वर्मा ने 97.83% अंकों के साथ संयुक्त रूप से राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 12वीं में सीतापुर की शिखा वर्मा ने 97.60% अंकों के साथ टॉप किया है।


रिजल्ट कैसे चेक करें: आप आधिकारिक वेबसाइटों, डिजीलॉकर, उमंग ऐप, या एसएमएस (UP10/UP12 रोल नंबर 56263 पर) के माध्यम से अपना परिणाम देख सकते हैं।


परीक्षा अवधि: परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक आयोजित की गई थीं।


 10वीं और 12वीं के टॉपर्स:


कक्षा 10 (हाईस्कूल):


प्रथम स्थान: कशिश वर्मा (सीतापुर) - 97.83% और अंशिका वर्मा (बाराबंकी) - 97.83% (संयुक्त रूप से प्रथम)


द्वितीय स्थान: अदिति (बाराबंकी) - 97.50%


तृतीय स्थान (संयुक्त): अर्पिता (सीतापुर) - 97.33%, ऋषभ साहू (झांसी) - 97.33%, परी वर्मा (बाराबंकी) - 97.33%


वहीं, 10वीं की टॉप-6 मेधा सूची में 5 लड़कियों ने जगह बनाई, जो यह दर्शाता है कि इस बार भी बेटियों ने बाजी मारी है। विशेष रूप से बाराबंकी जिले ने टॉप तीन में सर्वाधिक तीन छात्रों को देकर 'टॉपर फैक्ट्री' के रूप में अद्भुत प्रदर्शन किया।


कक्षा 12 (इंटरमीडिएट):


प्रथम स्थान: शिखा वर्मा (सीतापुर) - 97.60%


द्वितीय स्थान (संयुक्त): नंदनी गुप्ता (बरेली) - 97.20% और श्रेया वर्मा - 97.20%


तृतीय स्थान (संयुक्त): सुर्भि यादव (बरेली) और पूजा पाल (बाराबंकी)


12वीं कक्षा में लड़कियों ने 86.32% की उच्चतर सफलता दर दर्ज की, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 75.04% रहा।


पास प्रतिशत और छात्र संख्या:


कक्षा 10वीं (हाईस्कूल) का पास प्रतिशत 90.42% दर्ज किया गया, जिसमें लगभग 27.32 लाख छात्र शामिल हुए थे। वहीं, कक्षा 12वीं (इंटरमीडिएट) का पास प्रतिशत 80.38% रहा, जिसमें लगभग 24.8 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। इस वर्ष कुल 27 लाख 61 हजार 696 हाईस्कूल और 25 लाख 76 हजार 82 इंटरमीडिएट परीक्षार्थी पंजीकृत थे। बोर्ड ने करीब 3 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को 1.5 लाख से अधिक शिक्षकों की मदद से रिकॉर्ड समय में पूरा किया।


 रिजल्ट चेक करने के आसान तरीके:


1. आधिकारिक वेबसाइट: सबसे पहले upmsp.edu.in या upresults.nic.in पर जाएं। होमपेज पर कक्षा 10वीं या 12वीं के रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें, अपना रोल नंबर दर्ज करें और सबमिट करें।


2. डिजीलॉकर (DigiLocker): यदि वेबसाइट पर लोड है, तो डिजीलॉकर ऐप खोलें या results.digilocker.gov.in पर जाएं। अपने खाते में लॉग इन करें और 'शिक्षा' अनुभाग में UPMSP की मार्कशीट चुनें।


3. एसएमएस के माध्यम से: बिना इंटरनेट के भी रिजल्ट चेक कर सकते हैं। कक्षा 10 के लिए UP10 लिखकर अपना रोल नंबर स्पेस देकर टाइप करें और 56263 पर भेजें। कक्षा 12 के लिए UP12 लिखकर रोल नंबर टाइप करें और उसी नंबर पर भेजें。 टीवी9 हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, आप अपना पूरा परिणाम एसएमएस पर प्राप्त कर सकते हैं।


4. उमंग (UMANG) ऐप: सरकारी उमंग ऐप डाउनलोड करें, 'यूपी बोर्ड' सर्च करें और अपना रोल नंबर डालकर रिजल्ट देखें।


 जिलों और स्कूलों का शानदार प्रदर्शन:


इस वर्ष के परिणामों में कई जिलों ने शानदार प्रदर्शन किया है। बाराबंकी जिला सबसे अधिक मेधावी छात्रों के साथ 'टॉपर फैक्ट्री' के रूप में उभरा है, जबकि सीतापुर और झांसी ने भी प्रतिभाशाली छात्रों को जन्म दिया है। कई स्कूलों ने 100% परिणाम हासिल करके अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है।




यूपी बोर्ड के इस वर्ष के परिणाम न केवल छात्रों की मेहनत को दर्शाते हैं, बल्कि प्रदेश में शिक्षा की बेहतर दिशा को भी इंगित करते हैं। बेटियों के शानदार प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। सफल छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई और उन छात्रों के लिए, जो पास नहीं हुए, बोर्ड ने कंपार्टमेंट परीक्षा का विकल्प रखा है। सफल छात्र अब अपने करियर के अगले चरण, जैसे कि उच्च शिक्षा या तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं।

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