600 करोड़ खर्च फिर भी प्यासा झांसी, रात में 2 बजे उठकर पानी भरने पर मजबूर लोग

झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी में करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद पेयजल समस्या जस की तस बनी हुई है। अमृत योजना के तहत करीब 600 करोड़ रुपये खर्च कर पाइपलाइन और टंकियां बनाई गईं, लेकिन कई इलाकों में लोगों को आज भी राहत नहीं मिल पाई है।



स्थिति यह है कि कई मोहल्लों में रात करीब दो बजे पानी की सप्लाई शुरू होती है। जैसे ही नलों में पानी आने की आहट मिलती है, लोग नींद से उठकर पानी भरने के लिए मजबूर हो जाते हैं।

नानकगंज, चमनगंज, प्रेमगंज, सीपरी बाजार समेत कई क्षेत्रों में वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नई योजना से सुबह-शाम पानी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ।

गर्मी बढ़ते ही समस्या और गंभीर हो जाती है। शहर के 60 वार्डों में से 30 से अधिक वार्डों में पानी की किल्लत है। कई इलाकों में लोग टैंकरों पर निर्भर हैं, तो कहीं साइकिल, ठेला या ऑटो से दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।

अमर उजाला की खबर के अनुसार कुछ स्थानों पर तो पाइपलाइन तक नहीं पहुंची है, जबकि कहीं हैंडपंप ही एकमात्र सहारा हैं, जो गर्मी में जवाब दे देते हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका।

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