झांसी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में शिक्षकों के प्रमोशन से जुड़े मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि लंबित प्रमोशन मामलों पर तय समयसीमा के भीतर निर्णय लिया जाए।
मामले में याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से प्रमोशन प्रक्रिया अटकी हुई है, जिससे योग्य शिक्षकों को उनके अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि संस्थान मनमाने ढंग से फैसले नहीं टाल सकता और समय पर कार्रवाई करना उसकी जिम्मेदारी है।
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि देरी से न केवल शिक्षकों का करियर प्रभावित होता है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है। ऐसे में विश्वविद्यालय को पारदर्शिता और नियमों के तहत प्रमोशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

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