ललितपुर में फसल नुकसान पर किसान संघ का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री से मुआवजे और जिले को आपदाग्रस्त घोषित करने की मांग

ललितपुर। खरीफ फसलों को हुए नुकसान को लेकर भारतीय किसान संघ ने प्रशासन के सामने किसानों की समस्याएं उठाईं। संगठन के पदाधिकारियों ने अधिकारियों से मुलाकात कर फसल बर्बादी की जानकारी दी और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए किसानों के लिए राहत और क्षतिपूर्ति की मांग की।



किसान संघ का कहना है कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण जिले में खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। फसल खराब होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संगठन ने सरकार से नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

ललितपुर को आपदाग्रस्त घोषित करने की मांग

किसान नेताओं ने मांग की कि फसल नुकसान की गंभीरता को देखते हुए ललितपुर जिले को आपदाग्रस्त घोषित किया जाए। साथ ही प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके।

खाद की कालाबाजारी पर भी उठाई आवाज

ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने कृषि सामग्री की उपलब्धता से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं। उनका आरोप है कि खाद और अन्य कृषि सामग्री की कमी तथा अधिक कीमतों के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान संघ ने खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने और किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की।

इसके अलावा किसानों के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज और कीटनाशकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।

फसल नुकसान से बढ़ी किसानों की चिंता

किसान संघ का कहना है कि खेती पर निर्भर परिवारों के लिए फसल का नुकसान सीधे उनकी आय और अगले कृषि चक्र को प्रभावित करता है। ऐसे में प्रशासन को नुकसान का वास्तविक आकलन कर राहत प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए।

ज्ञापन के जरिए किसानों ने प्रशासन से मांग की कि फसल नुकसान, कृषि सामग्री की उपलब्धता और किसानों की आर्थिक समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।

नोट: दिए गए भास्कर लिंक को सीधे खोलने पर साइट की तकनीकी पहुंच बाधित रही, इसलिए उपलब्ध ताजा रिपोर्ट से मिलान करके खबर को पुनर्लेखित किया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट में मड़ावरा क्षेत्र के किसान संघ द्वारा खरीफ फसल नुकसान, जिले को आपदाग्रस्त घोषित करने, क्षतिपूर्ति और खाद की कालाबाजारी रोकने की मांग की पुष्टि होती है।

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