दमोह के जबेरा में 27 अक्टूबर से शुरू होगी निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग, स्मार्ट बोर्ड से होगी पढ़ाई

जबेरा (दमोह)। ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासकीय महाविद्यालय जबेरा में निःशुल्क कोचिंग कक्षाएं शुरू की जा रही हैं। स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत संचालित होने वाली ये कक्षाएं 27 अक्टूबर से प्रारंभ होंगी। यहां विद्यार्थियों को स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।


इस संबंध में मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के अनुज सत्येंद्र सिंह लोधी ने छात्र-छात्राओं के साथ बैठक कर योजना की जानकारी साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित करते हुए इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

सिविल सेवा समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर जोर

बैठक में सत्येंद्र सिंह लोधी ने कहा कि वर्तमान समय में प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के करियर निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इनके जरिए विद्यार्थी सिविल सेवा सहित विभिन्न प्रतिष्ठित पदों तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि निःशुल्क कोचिंग की सुविधा से क्षेत्र के युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि उचित मार्गदर्शन और नियमित अध्ययन से विद्यार्थी अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना है।

स्मार्ट बोर्ड से होगी पढ़ाई, शिक्षक देंगे मार्गदर्शन

शासकीय महाविद्यालय जबेरा में शुरू होने वाली कोचिंग कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की जरूरतों के अनुसार उन्हें अध्ययन संबंधी मार्गदर्शन और तैयारी में सहयोग दिया जाएगा।

महाविद्यालय के प्राचार्य मोहित पांडे भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देंगे। वे स्वयं प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद इस पद तक पहुंचे हैं। इसके अलावा अन्य अधिकारी और शिक्षित युवा भी अपना समय देकर विद्यार्थियों की तैयारी में सहयोग करेंगे।

ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर

निःशुल्क कोचिंग शुरू करने की इस पहल का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाने वाले विद्यार्थियों को इससे मदद मिलने की उम्मीद है।

इस सुविधा के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही तैयारी और मार्गदर्शन का अवसर मिल सकेगा। अब 27 अक्टूबर से शुरू होने वाली कक्षाओं के जरिए विद्यार्थियों को कितना लाभ मिलता है, यह उनके नियमित अध्ययन और कोचिंग की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

बैठक में ये लोग रहे उपस्थित

विद्यार्थियों के साथ आयोजित बैठक में शासकीय महाविद्यालय जबेरा के प्राचार्य मोहित पांडे, सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य संजय बाजपेई, कॉलेज विधायक प्रतिनिधि सहारा ठाकुर, मुकेश ठाकुर और मयंक जैन सहित महाविद्यालय का स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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