झांसी। पृथक बुंदेलखंड राज्य के गठन की मांग को लेकर क्षेत्र में आंदोलन तेज करने की तैयारी की जा रही है। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने इस मांग को लेकर 21 अक्टूबर से झांसी के गांधी उद्यान में अनशन एवं सत्याग्रह शुरू करने का ऐलान किया है। आंदोलन के जरिए केंद्र सरकार से बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने का वादा पूरा करने की मांग उठाई जाएगी।
20 गैर-राजनीतिक संस्थाएं लेंगी हिस्सा
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय और बाबू सिंह यादव के नेतृत्व में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है। जानकारी के मुताबिक, सत्याग्रह के दौरान 20 गैर-राजनीतिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बारी-बारी से एक-एक दिन अनशन पर बैठेंगे। इसके अलावा पत्रकारों, अधिवक्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के भी आंदोलन में शामिल होने की बात कही गई है।
आंदोलन के संचालन के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। इनमें सरकार से बातचीत, कानूनी सहायता, मीडिया समन्वय, भोजन व्यवस्था और सोशल मीडिया प्रचार जैसे कार्य शामिल हैं।
राजनीतिक दलों और संगठनों का समर्थन
पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और क्षेत्रीय संगठनों के समर्थन की भी बात सामने आई है। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने का वादा लंबे समय से किया जा रहा है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी मुद्दे को लेकर जनसमर्थन जुटाने और सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं में रिक्त पदों को भरने की भी मांग
अलग राज्य के गठन के साथ ही बुंदेलखंड की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का मुद्दा भी उठाया गया है। आंदोलन से जुड़े लोगों ने क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों, सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों तथा मेडिकल, पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ के रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने की मांग रखी है। साथ ही अस्पतालों में आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा का कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखा जाएगा। अब 21 अक्टूबर से प्रस्तावित अनशन एवं सत्याग्रह पर क्षेत्र के लोगों की नजर रहेगी।

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