ललितपुर: मंदिरों और घरों में श्रद्धापूर्वक सजाया गया ठाकुरजी का झूला

हरियाली तीज पर रविवार को मंदिरों में आकर्षक झूला लगाकर उनमें भगवान ठाकुरजी एवं राधा कृष्ण को विधि विधान से विराजमान कराया गया। भक्तों ने मंदिरों में पहुंचकर भगवान को झूला झुलाया और भजन-कीर्तन किया।

मंदिरों में सुबह से झूला की तैयारियां की जा रही थीं। झूलों को फूलों व बिजली की झालरों से सजाया गया। जगदीश मंदिर में भगवान को विशेष पोशाक धारण कराकर भव्य झांकी सजाई गई। झूला पड़ते ही मंदिर में भजन कीर्तन व अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। तुवन मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, मदनमोहनजी का मंदिर, श्रीरघुनाथजी का मंदिर, मुरलीधर मंदिर, पतरुआ मंदिर, नृसिंह मंदिर, पुलिस लाइन का मंदिर आदि पर विशेष साज सज्जा के साथ झूलों में भगवान को विराजमान किया गया। लोगों ने घरों में भी ठाकुरजी को झूलों में विराजमान कर श्रद्धा व उत्साह से पूजन अर्चन किया और रस्सी पकड़कर भगवान को झूला झुलाया।

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया श्रावणी तीज बुंदेलखंड में हरियाली तीज के नाम से जानी जाती है। इसी दिन मंदिरों व घरों में भगवान के लिए झूले पड़ते हैं। मान्यता है कि मंदिर में भगवान को झूला झुलाने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। रक्षाबंधन के पूर्व श्रावण मास की पूर्णमासी तक मंदिरों में भगवान झूलों में विराजमान रहेंगे। किसी मंदिर में ग्यारस व द्वादशी तक ही झूला में भगवान विराजमान रहते हैं। इसके बाद भगवान को झूला से मंदिर के गर्भगृह में फिर से विराजमान कर दिया जाएगा।

साभार : अमर उजाला






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