बांदा: यमुना की बाढ़ में जुगाड़ वाली नाव पर 20 लोग, घर का सामान और सिर्फ 1 लाइफ जैकेट!

बांदा : यूपी का बुंदेलखंड क्षेत्र जो हमेशा सूखे और पानी की कमी से जूझता रहा है लेकिन इस बार कुदरत ने कुछ अलग ही रूप दिखाया है. यहां की केन और यमुना जैसी नदियों ने रौद्र रूप धारण कर लिया हैं और इनका पानी अब दर्जनों गांवों में तबाही मचा रहा है. बाढ़ के कारण बांदा के पैलानी तहसील के कई गांव प्रभावित हो गए हैं, और हालात यह हैं कि लोग अब पलायन करने की सोच रहे हैं, जबकि कुछ गांवों के लोग पहले ही अपने घर छोड़ चुके हैं.


आपको बता दें कि बाढ़ को लेकर बांदा जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है, लेकिन असल में प्रशासनिक व्यवस्था ग्रामीणों की जान से खेल रही है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवागमन के लिए जुगाड़ वाले नावों का सहारा लिया जा रहा है जिसमें लाइफ जैकेट केवल एक व्यक्ति के लिए उपलब्ध है. ऐसी स्थिति में अगर कोई हादसा होता है तो यह सवाल उठता है कि क्या नाविक अपनी जान बचाएंगे या नाव में सवार लोगों की जान को सुरक्षित रखेंगे?

इन गांवों में घुसा पानी

बांदा जिले के पैलानी के नांदादेव, शंकर पुरवा, पडोरा जैसे गांवों में बाढ़ का पानी घरों में घुसने लगा है. लोग अब अपनी जान बचाने के लिए पलायन कर रहे हैं. हालांकि जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मदद की कोशिशें जारी हैं, लेकिन इन प्रयासों में वास्तविकता में कुछ कमी नजर आ रही है. जिलाधिकारी जे रीभा लगातार बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं, लेकिन उनकी निगरानी के बावजूद आपदा राहत कार्यों में केवल खानापूर्ति दिखाई दे रही है.

खतरे को निमंत्रण दे रही जुगाड़ वाली नाव

ग्रामीण अभय सहित अन्य लोगों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में उन्हें कोई विशेष मदद नहीं मिल रही है. बाढ़ में चलने वाली जुगाड़ वाली नावों में 20 से अधिक लोग और उनके सामान, जैसे मोटरसाइकिल, सवार हो रहे हैं. इन नावों में लाइफ जैकेट सिर्फ एक व्यक्ति के लिए दी जा रही है, जिससे हादसे का खतरा और भी बढ़ गया है, और हम लोग मजबूरी में इसमें जाने को मजबूर हैं.

इन लोगों को प्राथमिकता पर किया जा रहा शिफ्ट

बांदा जिलाधिकारी जे रीभा ने बताया कि केन और यमुना नदियां दोनों ही डेंजर लेवल से 2 मीटर ऊपर बह रही हैं. हमने आज शंकर पुरवा का निरीक्षण किया है, जहां दो मजरे अधिक प्रभावित हुए हैं. हालांकि किसी घर में पानी नहीं घुसा है, लेकिन रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं. लोग नाव के जरिए आवागमन कर रहे हैं, और जिनका स्वास्थ्य खराब है या महिलाएं गर्भवती हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है. पूरा जिला प्रशासन बाढ़ आने वाले क्षेत्र में निगरानी कर रहा है.

साभार : न्यूज़ 18


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