बांदा: प्रयोगशाला तैयार, अक्तूबर से शुरू होगी खाद्य व औषधि की जांच

बांदा। खाद्य व औषधियों की जांचों के लिए अब सैंपल आगरा, कोलकाता और पुणे भेजे जाने की मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी और न ही रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना होगा। 25 करोड़ की लागत से मुख्यालय के मवई गांव के पास मंडलीय प्रयोगशाला तैयार हो गई है। प्रयोगशाला को जाने वाला मार्ग व बिजली का कनेक्शन होना शेष है। अधिकारियों का दावा है कि अक्तूबर से जांच शुरू हो जाएगी।



चित्रकूटधाम मंडल में प्रयोगशाला न होने से यहां के खाद्य व औषधियों के नमूने जांच के लिए आगरा व लखनऊ व दूसरे प्रांतों में भेजे जाते थे। इन प्रयोगशालाओं में भार अधिक होने से छह-छह महीने तक रिपोर्ट नहीं आती थी। शासन ने 2022 को मंडल मुख्यालय में प्रयोगशाला की स्वीकृति प्रदान की।

प्रयोगशाला निर्माण के लिए यूपी सिडको को जिम्मेदारी दी गई। प्रयोगशाला का भवन व कार्यालय बनकर तैयार हो गया है। अब स्टाफ की तैनाती की जानी है। फिलहाल झांसी के एक लिपिक व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती कर दी है। अभी जांच से संबंधित मशीन व लैब टेक्नीशियन, सहायक लैब टेक्नीशियन व लैब प्रभारी सहित कुछ कर्मचारियों की तैनाती होना शेष है।

एक हजार नमूनों के जांच की क्षमता
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मंडल मुख्यालय में प्रयोगशाला के खुलने के बाद जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी। प्रयोगशाला में रोजाना पांच हजार नमूनों की जांच की क्षमता है। मौजूदा समय में मंडल में अधिकतम 100 नमूने ही जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाते हैं।

औषधियों की भी यहीं हो सकेंगी जांच
अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला में खाद्य सामग्री के अतिरिक्त औषधियों की भी जांच होगी और 24 घंटे में रिपोर्ट आ जाएगी। यहां तक कि शहद, मछली, मांस तक की माइक्रो जांच लैब में हो सकेगी। पहले यह जांच आगरा, कोलकाता, पुणे भेजी जाती थी।
प्रयोगशाला बनकर तैयार है। मशीन व स्टाफ की तैनाती के साथ ही अक्तूबर से लैब में जांच शुरू हो जाएगी। बिजली विभाग को कनेक्शन के लिए पत्र लिखा गया है।

साभार : अमर उजाला

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