महोबा। शहर के कीरत सागर तट पर चल रहे सात दिवसीय ऐतिहासिक कजली मेले की दूसरी शाम भोजपुरी भजन संध्या के नाम रही। कार्यक्रम मेंं हास्य कलाकारों ने दर्शकों को जमकर गुदगुदाया तो अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने रचनाओं से देशभक्ति का जोश भरा। देर रात चले कार्यक्रम को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही।
नंदू कुशवाहा ने बांसुरी वादन से कार्यक्रम में चार चांद लगाए दिए। रामआसरे राही और रविराज बुंदेली ने बुंदेली लोकगीतोंं से यहां की लोक संस्कृति की झलक बिखेरी। जौनपुर से आए डॉ. संतोष चौरसिया ने लोक गायन पेश किया। भोजपुरी भजन संध्या में रविंद्र सिंह ज्योति एंड पार्टी के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। सोना-चांदी के महल सुख न दे एक पल, जिनके चरण पखारे गंगा सेवक जिनके मस्त मलंगा, आने वाला है बाके घर मैं मुन्ना, झुनझुना ले लइयो राजा जी...। अर्चना तिवारी ने कि राह चली न तो टौके संसार सइया जी और प्रिया सोनी ने झुमका झुमनया हो नथनिया सोलह शृंगार हो, अंगरों में डस लिया नगनिया रे व युगल गीत कौन दिशा में लेके चला रे बटुइया के ठहर-ठहर जरा देखे रे डगरिया सुनाया।
कॉमेडी नाइट में कानपुर से आए हेमंत पांडेय ने दवा पर कॉमेडी, एक किलो रुई व एक किलो लोहा पर कामेडी, राजनीतिक कॉमेडी, पाकिस्तान पर नीरज के भाले को लेकर कॉमेडी, प्रेम प्रसंग आदि पर कॉमेडी सुनाई। कॉमेडियन राजन श्रीवास्तव ने कहा कि कानपुर के आदमी बहुत सरल बात करते हैं। उन्होंने डीजे कॉमेडी, सेल्फी काॅमेडी, एफएम चैनल पर कार्यक्रम लवगुरु पर काॅमेडी, महिला पर कॉमेडी और महोबा के एक युवक के प्रेम पर कामेडी से सभी को खूब गुदगुदाया।
इस मौके पर बीएसए राहुल मिश्रा, रोजगार सहायता अधिकारी आकांक्षा वाजपेयी, ईओ अवधेश कुमार, पर्यटन अधिकारी डॉ. चित्रगुप्त श्रीवास्तव, डीआईओएस प्रेमचंद्र यादव, संचालिका अपर्णा नायक आदि मौजूद रहे।
साभार : अमर उजाला

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