Jalaun : जिले के 27 हजार वाहनों को मिलेगा वार्षिक FASTag का लाभ

एट/आटा। जिले में दो प्रमुख टोल प्लाजा से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं और हर दिन लाखों रुपये का टोल टैक्स वसूला जाता है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। अब हर यात्रा पर टोल देने की जरूरत नहीं होगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया 15 अगस्त से वार्षिक फास्टैग पास योजना लागू कर रही है, जिसके तहत मात्र 3000 रुपये के भुगतान पर निजी वाहन मालिक सालभर टोल से मुक्त रहेंगे।


जिले के दोनों टोल प्लाजा से प्रतिदिन करीब 50,000 वाहन गुजरते हैं, जिससे औसतन 50 लाख रुपये का टोल टैक्स वसूला जाता है। वार्षिक पास सुविधा लागू होने से निजी वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि टोल राजस्व पर इसका असर पड़ सकता है। परिवहन विभाग के अनुसार जिले में 27,000 चार पहिया निजी वाहन, 4,000 बड़े वाहन, 296 निजी बसें पंजीकृत हैं। इनमें से निजी श्रेणी के वाहनों को इस योजना का लाभ मिलेगा।

अभी हर बार टोल पर फास्टैग से भुगतान करना पड़ता था, जिसमें कई बार तकनीकी खराबी, रिचार्ज न होने या कटौती में गड़बड़ी के कारण वाहन मालिकों को परेशानी होती थी। एट टोल मैनेजर केके शुक्ला ने बताया कि यह पास राष्ट्रीय राजमार्ग और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर ही मान्य रहेगा। इसका उद्देश्य है निजी वाहन चालकों को लंबी दूरी की निर्बाध यात्रा सुविधा देना। शासन के आदेश के अनुसार ही पास जारी होंगे।

इस योजना के अनुसार, एक बार 3000 रुपये का रिचार्ज कराने पर यह पास एक साल या अधिकतम 200 टोल पारियों के लिए मान्य रहेगा। अगर आप साल में 200 बार टोल क्रॉस करते हैं तो आपको अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। हालांकि, 200 यात्राओं के बाद सामान्य टोल दर लागू होगी। यह वार्षिक पास केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (कार, जीप, वैन आदि) के लिए मान्य होगा। व्यावसायिक या मालवाहक वाहनों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।

टोल अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई व्यवसायिक वाहन मालिक गलत जानकारी देकर पास बनवा लेता है तो पहली यात्रा में ही उसका पास रद्द कर दिया जाएगा।

आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन

एनएचएआई ने बताया कि वार्षिक पास के लिए जल्द ही नेशनल हाईवे एप और एनएचएआई वेबसाइट पर अलग लिंक उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से वाहन मालिक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और अपने फास्टैग में यह सुविधा सक्रिय करा पाएंगे। टोल प्लाजा कर्मचारियों को भी इस नई योजना के नियमों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है, ताकि वाहन चालकों को सही मार्गदर्शन मिल सके। 

साभार : अमर उजाला


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