Jhansi: फसलों का हाल बताएगा डिजिटल सर्वे, खेत के नजदीक जाने पर फोटो होगी अपलोड

किसने धान बोया, किसने मूंगफली और किन किसानों ने अपने खेतों को खाली छोड़ दिया है। इसका मैदानी सर्वे के लिए कृषि विभाग की टीम मैदान में उतर गई है। यह डिजिटल सर्वे तभी संभव है जब सर्वेयर प्रत्येक गाटे पर पहुंचे, क्योंकि गाटा के 20 मीटर के दायरे में होने पर ही सर्वेयर फोटो अपलोड कर सकेंगे। 

जनपद में 2.90 लाख किसान हैं और एक किसान के खेत के कई गाटे हैं। इसका डिजिटल सर्वे करने के लिए कृषि विभाग ने 38 कर्मियों को मैदान में उतार दिया है। सर्वेयर का काम होगा किसान की फसल का सही आकलन कर डिजिटल रूप से वेबसाइट पर अपलोड करना। इस साल अधिक वर्षा से किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। हाल ही में बारिश से हुए नुकसान का आकलन किया गया था। लेकिन, इस बार धान का रकवा बढ़ा है। किसान नुकसान का मुआवजा पाने के लिए प्रीमियम भी कटवा रहे हैं। लेकिन, नुकसान की असली हकीकत डिजिटल क्रॉप सर्वे के बाद ही सामने आएगी।

खरीफ सीजन का पहला सर्वे

शासन की ओर से हर साल खाद और बीज आदि की आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। फसलों की खेती व उत्पादन का भी निर्धारण पहले से होता है, लेकिन अभी तक इसके आंकड़े अनुमानित रहते थे। इसी को देखते हुए पिछले साल रबी की फसल में डिजिटल क्राप सर्वे की शुरुआत की गई। कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि इसके तहत कर्मचारी 25 दिन में गांव-गांव जाकर खेतों का सर्वे करेंगे फिर किसान और उसके खेतों में बोई फसल का पूरा ब्यौरा एग्री स्टेक पोर्टल पर अपलोड करेंगे।

साभार : अमर उजाला


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ