Mahoba : मयूर नृत्य और फूलों की होली से वृंदावनमय हुआ कजली मेले का नजारा

महोबा। कीरत सागर तट पर चल रहे सात दिवसीय ऐतिहासिक कजली मेले की तीसरी शाम मथुरा-वृंदावन के कलाकारों के नाम रही। मथुरा से आईं जया सक्सेना एंड पार्टी के कलाकारों ने मयूर नृत्य व फूलों की होली से नजारा वृंदावनमय बना दिया। वहीं, रंग भारती लखनऊ के हंसी का हंगामा कार्यक्रम में हास्य कलाकारों ने दर्शकों को जमकर ठहाके लगवाए। देर रात तक कार्यक्रम देखने के लिए ग्राउंड में हजारोंं की संख्या में दर्शकों की भीड़ जुटी रही।


ऐतिहासिक कजली मेले के सांस्कृतिक मंच की मंगलवार की शाम के कार्यक्रमों की शुरुआत सीडीओ बलराम कुमार, एसडीएम शिवध्यान पांडेय और दिव्यांगजन अधिकारी हर्षवर्धन नायक ने दीप जलाकर कराई। पहली प्रस्तुति आल्हा गायन की हुई गायक रामअवतार सिंह व हीरालाल साहू ने वीर रस में आल्हा-ऊदल की वीरता और पृथ्वीराज चौहान से हुए भीषण युद्ध का वर्णन सुनाकर बुंदेलोंं में जोश भरा। दीक्षा व प्रतीक्षा पटैरिया ने भजन संध्या की प्रस्तुति दी।

डॉ. रमाकांत चौरिहा ने बुंदेली लोक गायन की प्रस्तुति से दर्शकों को लुभाया। महोबा की लखनलाल एंड पार्टी के कलाकारों ने दिवारी नृत्य की हैरतअंगेज प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। निशा दास ने बुंदेली लोक गीतों की प्रस्तुति दी। रंगभारती लखनऊ के अध्यक्ष श्याम कुमार के निर्देशन में हंसी का हंगामा कार्यक्रम की प्रस्तुति हुई। हास्य कलाकार अमित बिहारी ने हास्य रचनाओं से दर्शकों को जमकर गुदगुदाया। उन्होंने ट्रेन, विभिन्न कलाकारों की आवाज और चलते घोड़े की आवाज निकालकर कला का प्रदर्शन किया। एंकर व हास्य कलाकार सुनील शान ने भी प्रस्तुति से सभी को ठहाके लगवाए।

फूलों की होली कार्यक्रम की शुरूआत मथुरा की जया सक्सेना एंड पार्टी के कलाकारों ने की। उन्होंने चारों धामों से निराला बृज धाम के दर्शन कर लो जी गीत पर सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति दी। श्यामा संग राधा नाचे मयूर नृत्य, ये बृज के छोरा-छोरी हमें याद दिलाते हैं राधा-रानी की, गोकुल में देखो वृंदावन में देखो श्याम संग राधा नाचे डांडिया महारास पेश किया। साथ ही जमुना किनारे मेरा गांव मटकी डांस और एक राधा एक मीरा पर नृत्य के अलावा अधिकारियोंं के साथ फूलों की होली खेली।

इसके बाद जादूगर वी सम्राट ने विभिन्न जादू दिखाकर दर्शकों को अचंभित किया। उन्होंने रूमाल से छाता, छाते से कई छाता, तख्ती से ग्लास निकालना, किताब को जादू से जलाना, चौकोर निकालना, पेप्सी से ग्लास भरना और हवा में रोकना, पिंजरा जलाना व उसके अंदर कार्टन भरना, कपड़े में बॉल चलाना, बॉल से झंडा बनाना, बालिका के साथ मोती की माला पर जादू, स्टूल को हवा में उड़ाना, छल्लोंं से सीडीओ के साथ जादू व मंच में अधिकारियोंं के साथ कपड़े का तिरंगा बनाना दिखाया। इस मौके पर बीएसए राहुल मिश्रा, रोजगार सहायता अधिकारी आकांक्षा वाजपेयी, पिछड़ा वर्ग अधिकरी कप्तान सिंह, डीआईओएस प्रेमचंद्र यादव, समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी, संचालिका अर्पणा नायक आदि मौजूद रहे।

साभार : अमर उजाला


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