Panna : सुनार नदीं के पुल तक पहुँच मार्ग जर्जर, राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी

प्रधानमंत्री सडक़ योजना के तहत निर्मित सिमरिया-कोनी-सुनवानी मार्ग पर कोनी से सुनार नदीं के पुल तक का पहुँच मार्ग अत्यंत खराब स्थिति में है। सडक़ पर बड़े-बड़े गढ्ढे हो गए हैं जिससे वाहन तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। पुल पर रेलिंग नहीं होने और दोनों तरफ जर्जर सडक़ होने से आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर

ज्ञात हो कि दमोह कलेक्टर द्वारा व्यारमा नदीं पर स्थित पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद पन्ना जिले से दमोह और हटा की ओर जाने वाले अधिकांश वाहन इसी वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। भारी यातायात के बावजूद इस सडक़ की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लगातार बारिश के कारण गढ्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी खराब हो गई है जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।

पुल पर रेलिंग नहीं, दुर्घटनाओं का भय

सुनार नदीं पर बने पुल पर रेलिंग न होने से वाहनों और राहगीरों के लिए खतरा और भी बढ़ गया है। खासकर रात के समय यह और भी खतरनाक हो जाता है। यह सडक़ सिमरिया को छतरपुर जिले के सुनवानी से जोडऩे वाली एकमात्र सडक़ है इसलिए इस पर आवागमन लगातार जारी रहता है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस सडक़ की मरम्मत कराने और पुल पर रेलिंग लगवाने की मांग की है ताकि आवागमन सुचारू हो सके और संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

व्यस्तम मार्ग में भारी वाहन की आवाजाही के चलते अपग्रेडेशन करना जरूरी

वहीं इस संबध में प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक विकास प्राधिकरण पन्ना के उपयंत्री नीरज रैकवार का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना के अंतर्गत वर्ष 2007 में सांटा बुद्ध सिंह मार्ग का निर्माण कराया गया था वर्तमान में मार्ग 10 साल पश्चात संधारण अवधि के अंतर्गत है जिसमें पुरानी डामरीकृत सतह के ऊपर 2 सेंटीमीटर की डामरीकृत सतह का कार्य किया जाना है विगत 2 वर्ष पहले भारी वाहनों के परिवहन के कारण मार्ग की क्रस्ट फेल हो जाने से मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ था जिसके उन्नयन कार्य हेतु यूपीजी के अंतर्गत प्रकरण मुख्यालय भोपाल भेजा गया था जिसका प्रेजेंटेशन मुख्यालय स्तर पर किए जाने की उपरांत अपग्रेडेशन का प्रस्ताव स्वीकृत नहीं किया गया था बल्कि आईआर एवं आपातकालीन मद से मार्ग को संधारित किए जाने हेतु लेख किया गया था जिसके उपरांत विभाग द्वारा आईआर एवं आपातकालीन मद से मार्ग को संधारित किया गया था परंतु पन्ना जिले के अंतर्गत अत्यधिक बारिश होने के कारण दमोह-गैसाबाद मार्ग पूर्व निर्मित ब्रिज क्षतिग्रस्त हो जाने से दमोह एवं छतरपुर जिले की ओर जाने वाले भारी वाहनों का आवागमन सिमरिया से सांटा, सुनवानी कला, जैतपुर होते हुए वर्धा दमोह की ओर एवं किशनगढ़ होते हुए छतरपुर की ओर जाने वाले वाहनों से क्षतिग्रस्त हो रहा है। जिसको पुन: नवीन क्रस्ट के साथ पुन: निर्माण कराया जाना अति आवश्यक है क्योंकि यह मार्ग आवागमन की दृष्टि से काफी व्यस्ततम मार्ग है।

साभार  : भास्कर हिंदी

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