धुबेला संग्रहालय, मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित एक ऐतिहासिक धरोहर है, जो बुंदेलखंड के गौरवशाली अतीत को संजोए हुए है। यह स्थान कभी महान बुंदेला योद्धा, महाराजा छत्रसाल की पहली राजधानी था। सितंबर 1955 में स्थापित इस संग्रहालय को एक पुराने महल में बनाया गया है, जिसमें 8 गैलरियाँ हैं। यहाँ बुंदेलखंड क्षेत्र की प्राचीन कलाकृतियाँ, मूर्तियाँ, हथियार और वस्त्र प्रदर्शित किए गए हैं। संग्रहालय के पास स्थित मस्तानी महल छत्रसाल द्वारा अपनी बेटी मस्तानी के लिए बनवाया गया था, जिसका स्थापत्य बुंदेली और मुगल शैली का अनोखा मिश्रण है। इसके अलावा, रानी कमलापति की अष्टकोणीय समाधि, बुंदेला वास्तुकला की सुंदरता का उदाहरण प्रस्तुत करती है। आसपास के बादलगढ़ी और शीतलगढ़ी महल तथा विशाल महबा गेट भी इस क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों का हिस्सा हैं, जो आगंतुकों को बुंदेलखंड के समृद्ध इतिहास और स्थापत्य वैभव की झलक कराते हैं।
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