केंद्र सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए जीवनरक्षक दवाओं और मेडिकल सामग्री पर जीएसटी दरों में कटौती की है। पहले जहां इन पर 12 प्रतिशत जीएसटी लागू था, वहीं अब इसे घटाकर केवल 5 प्रतिशत कर दिया गया है। यानी सात प्रतिशत की कमी का सीधा असर मरीजों और उनके परिजनों की जेब पर पड़ा है।
मरीजों को सस्ती दवाओं का लाभ
जीएसटी में इस कटौती के चलते अब महंगी दवाएं और मेडिकल सामग्री भी कम दाम पर उपलब्ध होंगी। दवा दुकानों पर प्रिंट रेट से सात प्रतिशत कम कीमत पर दवाएं दी जा रही हैं। इससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
मेडिकल सामग्री भी टैक्स फ्री
सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि गले में इस्तेमाल होने वाला पट्टा, सीने और पेट की बेल्ट, हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों के लिए जरूरी सपोर्ट बेल्ट जैसे सर्जिकल व मेडिकल उत्पादों को भी टैक्स फ्री कर दिया गया है। वहीं आयुर्वेदिक दवाओं पर भी अब केवल पांच प्रतिशत जीएसटी ही लगेगा।
व्यापारी और खरीदार दोनों खुश
जीएसटी कटौती का असर सिर्फ स्वास्थ्य क्षेत्र में ही नहीं बल्कि पूरे बाजार में देखने को मिल रहा है। दुकानदारों का कहना है कि इससे बिक्री में इजाफा हुआ है और खरीदार भी संतुष्ट हैं। लोग दवाओं और स्वास्थ्य सामग्री के साथ-साथ अन्य वस्तुओं की खरीदारी में भी रुचि दिखा रहे हैं। यहां तक कि वाहन और कृषि उपकरणों की बिक्री में भी तेजी देखी जा रही है।
एसोसिएशन की अपील
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने सभी दवा विक्रेताओं से अपील की है कि वे नई जीएसटी दरों का पालन करें और मरीजों को सीधा लाभ दें। एसोसिएशन का मानना है कि इस कदम से न केवल जनता को फायदा होगा बल्कि व्यापार में भी पारदर्शिता और इजाफा देखने को मिलेगा।

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