ललितपुर में दशहरे का पर्व हर साल धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन इस बार की तैयारियां और भी खास हैं। शहर के गोविंद नगर स्थित रामलीला मैदान में इस बार रावण का 50 फिट ऊँचा पुतला तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही मेघनाद का पुतला 40 फिट और कुंभकरण का 35 फिट ऊँचा होगा। ये सभी पुतले भोपाल से मंगाए जा रहे हैं। वहीं आतिशबाजी के लिए दिल्ली से विशेष सामग्री लाई जा रही है, ताकि रावण दहन के समय आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठे।
आयोजन की जिम्मेदारी श्रीरामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति ने संभाली है। समिति ने मैदान का समतलीकरण और साफ-सफाई का काम शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार दशहरे का उत्सव पहले से कहीं ज्यादा आकर्षक और यादगार साबित होगा।
भव्य मंच होगा खास आकर्षण
आयोजन की एक और खासियत यह होगी कि रावण दहन से पहले भव्य मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। ललितपुर की लोक कला सोसाइटी द्वारा शिव लीला, कृष्ण लीला और रामलीला का मंचन किया जाएगा। इसके साथ ही राधा-कृष्ण नृत्य, फूलों की होली, महारास, मयूर नृत्य और ब्रज की होली जैसे कार्यक्रम दर्शकों को धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल से सराबोर कर देंगे। यह आयोजन परंपरा और आधुनिकता का सुंदर मिश्रण प्रस्तुत करेगा।
सुरक्षा और सुविधा की विशेष व्यवस्था
समिति ने दर्शकों की सुरक्षा और सुविधा का भी ध्यान रखा है। मैदान में चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि भीड़ पर लगातार नजर रखी जा सके। वहीं, मैदान में दो बड़ी LED स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिन पर रावण दहन और मंचन का सीधा प्रसारण दिखेगा। इससे मैदान में दूर खड़े दर्शक भी पूरे आयोजन को आसानी से देख पाएंगे।
ग्रामीण और शहरी अंचल से जुटेगी भीड़
इस आयोजन का इंतजार न सिर्फ शहर के लोग कर रहे हैं, बल्कि आसपास के ग्रामीण अंचल से भी हजारों लोग इस दिन मैदान में पहुंचेंगे। दशहरे के इस पर्व को लेकर बच्चों में खासा उत्साह है, वहीं बड़े-बुजुर्ग इसे परंपरा से जुड़ा आध्यात्मिक अवसर मानते हैं।
ललितपुर का दशहरा इस बार सिर्फ रावण दहन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोककलाओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आधुनिक तकनीक के मेल से यह आयोजन हर दर्शक के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनने जा रहा है।

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