हर साल की तरह इस बार भी पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया को 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटकों के लिए बंद रखा गया था। अब 1 अक्टूबर से गेट एक बार फिर खुलने जा रहे हैं। इसके लिए रिजर्व प्रबंधन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कच्चे रास्तों की मरम्मत हो चुकी है, सफारी ट्रैक की घास काट दी गई है और केन नदी में नावें भी उतार दी गई हैं। सुबह 6 बजे से मंडला और हिनौता गेट से टाइगर सफारी शुरू होगी।
प्रबंधन के अनुसार, पर्यटकों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। मंडला गेट के अंतर्गत सभी सड़कों की मरम्मत, पानी की व्यवस्था और वॉशरूम की सफाई पूरी कर दी गई है। पीपरटोला क्षेत्र और बोटिंग पॉइंट पर भी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गई हैं, ताकि पर्यटक आरामदायक अनुभव ले सकें।
पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह:
ऑनलाइन बुकिंग खुलते ही अक्टूबर माह की सभी स्लॉट्स भर गए। दिसंबर तक अधिकांश होटलों की भी बुकिंग पूरी बताई जा रही है। गेट खुलने से पहले ही देश-विदेश के पर्यटकों की यह उत्सुकता पन्ना टाइगर रिजर्व की लोकप्रियता को दर्शाती है।
पन्ना टाइगर रिजर्व की खासियत:
पन्ना टाइगर रिजर्व 542 वर्ग किलोमीटर में फैला है। इसे 1981 में राष्ट्रीय उद्यान और 1994 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। इसका कुछ हिस्सा छतरपुर जिले तक फैला है। यहां जैव विविधता इतनी समृद्ध है कि 4 से लेकर 40 डिग्री तक तापमान मिलने के कारण लगभग सभी प्रकार के वन्य प्राणी यहां देखे जा सकते हैं। यही वजह है कि पन्ना विश्वभर में पर्यटकों को आकर्षित करता है।
1 अक्टूबर से पन्ना टाइगर रिजर्व फिर से गुलजार होगा। जंगलों में बाघों की दहाड़ और प्रकृति का मनमोहक नजारा एक बार फिर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर खींचेगा।

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