बांदा जिले में इस साल मानसून ने तय समय से 15 दिन पहले दस्तक दी थी और अब यह पांच दिन की देरी से विदा होगा। मौसम विभाग के अनुसार 5 अक्टूबर तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर मध्यम बारिश जारी रहेगी। शुक्रवार शाम भी झमाझम बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
सामान्य तौर पर जिले में हर साल करीब 850 मिलीमीटर वर्षा होती है, लेकिन इस बार अब तक 1150 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 350 मिलीमीटर अधिक है। बारिश की यह अतिरिक्त मात्रा खासतौर पर धान की फसल के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। खेतों में नमी बनी रहने से किसानों को सिंचाई पर खर्च नहीं करना पड़ेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले पांच दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और करीब 30 मिलीमीटर तक और बारिश हो सकती है। इससे खेतों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहेगी और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
भले ही मानसून के जाने में देरी हो रही हो, लेकिन यह देरी किसानों के लिए खुशहाली लेकर आई है। इस बार की अतिरिक्त वर्षा ने जहां धान की फसल को नया जीवन दिया है, वहीं किसानों के चेहरे पर भी मुस्कान लौटा दी है।

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