चित्रकूट जिले में जिला मुख्यालय से राजापुर कस्बे तक जाने वाली 32 किलोमीटर लंबी सड़क बदहाली की कहानी बयां कर रही है। यह वही मार्ग है जो कौशांबी और फतेहपुर की सीमाओं को जोड़ता है और जिसके सहारे 20 से अधिक गांवों का आवागमन होता है।
बरसात के मौसम में इस सड़क से गुजरना किसी मुसीबत से कम नहीं। एक साल पहले ही लोक निर्माण विभाग (PWD) ने करीब 25 लाख रुपये खर्च कर मरम्मत कराई थी, लेकिन सड़क साल भी नहीं टिक सकी। अब हाल यह है कि सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे दिखाई देते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना एक हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। पहाड़ी कस्बा, लोहदा चौरा, अर्जुनपुर बछरन, कपना, प्रसिद्धपुर, नोनार, सगवारा, जमहिल और राजापुर जैसे गांव इस सड़क से सीधे जुड़े हुए हैं। नई दुनिया क्षेत्र के पास सड़क पर इतने गड्ढे हैं कि तेज रफ्तार वाहन पलटने का डर बना रहता है।
चित्रकूट की ये सड़कें केवल गड्ढों से नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही से भी भरी हैं। जब तक जिम्मेदार अधिकारी इन सड़कों की सुध नहीं लेंगे, तब तक 25 लाख जैसे खर्चे भी सिर्फ “कागज़ों पर विकास” कहलाएंगे।

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