Chitrakoot: लालापुर आश्रम में दिव्य तैयारियां — 7 अक्टूबर को धूमधाम से मनाई जाएगी वाल्मीकि जयंती

भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट एक बार फिर भक्ति और श्रद्धा से भरने जा रही है। लालापुर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम में 7 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती का भव्य आयोजन होगा। यह वही पावन स्थल है, जहां आदि कवि महर्षि वाल्मीकि ने वर्षों तक तपस्या कर रामायण जैसे अमर ग्रंथ की रचना की थी।

जयंती पर होंगे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम

7 अक्टूबर को सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। इसमें महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण, रामायण पाठ, बाल्मीकि रामायण के श्लोकों का पाठ, भक्ति गीतों की प्रस्तुति और स्थानीय कलाकारों द्वारा रामायण मंचन जैसे कई सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल रहेंगे।

कार्यक्रम को भव्य रूप देने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। साथ ही, आश्रम परिसर में एक नया प्रवेश द्वार और महर्षि वाल्मीकि की नई प्रतिमा भी स्थापित की गई है।

श्रद्धा और विकास का संगम

वाल्मीकि जयंती का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि चित्रकूट की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को भी और सशक्त करेगा। आश्रम के विकास के लिए कई नई योजनाओं पर कार्य जारी है, जिनमें प्रमुख है रोप-वे निर्माण योजना — जिससे श्रद्धालु आसानी से पहाड़ी स्थित तपोस्थली तक पहुंच सकेंगे।

7 अक्टूबर को लालापुर आश्रम दिव्य रोशनी से जगमगाएगा और यह दिन पूरे प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और आस्था का अद्भुत पर्व बनेगा।

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