बाँदा | ग्रामीण इलाकों में इस समय खेतों में रबी की फसलें खड़ी हैं, लेकिन नहरों में पानी न आने से हालात बिगड़ने लगे हैं। पंप कैनाल से पानी का प्रवाह शुरू न होने के कारण खेत सूख रहे हैं और किसानों की मेहनत पर संकट मंडराने लगा है। तय समय बीत जाने के बाद भी पानी न छोड़ने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। उनका कहना है कि कई दिनों से वे नहर पर नजर लगाए हुए हैं, लेकिन पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची।
नहर से जुड़े कई गांवों पर असर
इस क्षेत्र में नहर के माध्यम से कई गांवों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचता है। यहां का कृषि चक्र इसी व्यवस्था पर निर्भर है। नहर के जरिये आने वाले पानी से ही खेत तैयार होते हैं और रबी सीजन में फसलें सुरक्षित रहती हैं। लेकिन इस बार नहर सूनी पड़ी है। खेतों में नमी खत्म होने लगी है और फसलें मुरझाने की कगार पर पहुंच रही हैं।
लापरवाही पर ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों का कहना है कि नहर खोलने की तय प्रक्रिया हर साल समय पर पूरी होती रही है, मगर इस बार जिम्मेदार विभागों की ढिलाई से काम प्रभावित हुआ है। लगातार इंतजार के बाद भी पानी न मिलने से किसानों को डर है कि उनका सीजन खराब हो सकता है। उनका मानना है कि यदि जल्द ही सिंचाई शुरू न हुई तो फसलें जमीन में ही दम तोड़ देंगी।
अधिकारियों को बताई समस्या, राहत की मांग
परेशान किसान अब मजबूर होकर प्रशासन के पास पहुंचे हैं। उन्होंने अधिकारियों से मिलकर नहर में जल्द पानी छोड़े जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समय बेहद महत्वपूर्ण है और थोड़ी-सी देरी भी फसल को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि अब प्रशासन तुरंत कदम उठाएगा, ताकि उनकी मेहनत और पूरे सीजन की कमाई बच सके।

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