जालौन। बेमौसम बारिश ने जिले के किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में पानी भर जाने से धान की फसल खराब हो गई है और अब उसे काटने में किसानों को पहले से दोगुना खर्च उठाना पड़ रहा है।
मशीन संचालकों ने बढ़ाए दाम
बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे मजदूरों का फसल काटना मुश्किल हो गया है। हार्वेस्टर भी पानी में काम नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में किसानों को चेन वाली मशीनों की मदद लेनी पड़ रही है, जो पानी में चल सकती हैं। पहले इन मशीनों का किराया तीन से साढ़े तीन हजार रुपये प्रति बीघा था, लेकिन अब संचालकों ने इसे बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दिया है।
पानी में डूबी फसलों से बढ़ी दिक्कतें
लगातार हुई बारिश से धान की फसलें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं। जल्द फसल घर लाने की मजबूरी में किसान बढ़ा हुआ किराया चुकाने को विवश हैं। कुछ छोटे किसान अपने खेतों से पंप सेट के जरिए पानी निकालने की कोशिश कर रहे हैं ताकि किसी तरह फसल काटी जा सके।
बारिश ने बिगाड़ा कृषि चक्र
बारिश ने न सिर्फ फसल को नुकसान पहुंचाया है बल्कि किसानों के लिए अगली फसल की तैयारी भी कठिन बना दी है। खेतों में पानी भरने से जमीन की नमी और उत्पादकता पर असर पड़ सकता है, जिससे आने वाले दिनों में किसानों की परेशानी और बढ़ने की संभावना है।

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