एट। विकास खंड कोंच की एक ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में अनियमितता के आरोप लगे हैं। यहां चकरोड निर्माण के नाम पर रोजाना 181 मजदूरों की हाजिरी दर्ज की जा रही है, जबकि जिस स्थान पर काम होना बताया गया है, वहां खेतों में पानी भरा हुआ है। ऐसे हालात में निर्माण कार्य होना संभव नहीं है।
कागजों पर जारी मस्टररोल
सूत्रों के अनुसार, तीन नवंबर से लगातार 19 मस्टररोल जारी किए जा चुके हैं। कागजों में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड की जा रही है।
धरातल पर नहीं दिख रहा काम
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जगह काम बताया जा रहा है, वहां पहले से फसल बोई जा चुकी है और खेतों में पानी भरा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब जमीन पर काम की स्थिति नहीं है, तो मजदूरों की उपस्थिति कैसे दर्ज की जा रही है।
शासन के निर्देशों की अनदेखी
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में पहले भी कई कार्य ऐसे दिखाए गए हैं जो जमीन पर दिखाई नहीं देते, फिर भी उनका भुगतान कर दिया गया। इस बार भी कार्यस्थल पर डिस्प्ले बोर्ड नहीं लगाया गया है, जबकि नियमों के अनुसार प्रत्येक कार्य शुरू करने से पहले बोर्ड लगाना अनिवार्य है।
जांच की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मनरेगा कार्यों की जांच कराई जाए और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताएं दोबारा न हों।

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