झांसी। मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और ठंड ने रानी के शहर को मजबूती से जकड़ लिया है। बुधवार की रात जमकर ठंडी रही, जबकि गुरुवार की सुबह हल्की धुंध और ठिठुरन के साथ शुरू हुई। दिन में धूप खिली जरूर, लेकिन पुरबिया हवाओं ने लोगों को गर्म कपड़े उतारने की हिम्मत नहीं करने दी।
सुबह की धुंध और ठिठुरन ने बढ़ाई सर्दी
सुबह 6.31 बजे सूर्य निकलते ही सर्दी के तेवर साफ दिखे। बच्चे स्वेटर और गर्म कपड़ों में स्कूल पहुंचे, जबकि कामकाजी लोग दफ्तरों की राह पकड़े। सरकारी और अर्धसरकारी दफ्तरों में हल्की धूप की सिकाई लेने के बाद काम की शुरुआत हुई। ठंडी हवाओं ने दिन भर लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
दोपहर की धूप भी नहीं दे पाई राहत
हालांकि दिन में धूप खिली, पर तेज हवाओं के कारण लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। दोपहर लगभग ढाई बजे तक कमरे भी ठंडे रहे, जिससे कई लोग रजाई में दुबककर बैठने को मजबूर हुए। बच्चों और बुजुर्गों पर ठंड का असर ज्यादा दिखाई दिया।
शाम ढलते ही बढ़ी कंपकंपी
शाम साढ़े चार बजे के बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली। हवाएं तीर की तरह चुभने लगीं। 5.28 बजे सूर्यास्त के बाद बाजारों की रौनक कम होने लगी। फुटपाथी दुकानदारों ने दुकानें समेटना शुरू कर दिया और लोग जल्दी-जल्दी घर लौटने लगे।
खुले में रहने वालों के लिए मुश्किल
बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर खुले आसमान के नीचे बैठे लोग ठिठुरते नजर आए। कई यात्रियों ने आग जलाकर गर्माहट लेने की कोशिश की। इंतजार कर रहे मुसाफिर पूरी तरह गर्म कपड़ों में लिपटे दिखे। कृषि मौसम इकाई के वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान और गिर सकता है, जिससे झांसी में ठंड का असर और भी तेज होने की संभावना है।

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