चित्रकूट में शुरू हुआ 151 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का महा प्रबंध

धर्मनगरी चित्रकूट में चार दिनों तक चलने वाले विशाल गायत्री महायज्ञ की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। शांत वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरी इस भूमि पर जहां-तहां पंडाल खड़े किए जा रहे हैं, वहीं यज्ञ कुंडों का निर्माण भी तेज़ी से चल रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों से आए कार्यकर्ता लगातार जुटे हुए हैं ताकि आयोजन के दौरान किसी तरह की कमी न रह जाए।

समितियों की जिम्मेदारी, कार्यकर्ताओं में उत्साह

महायज्ञ को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति की ओर से अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। हर समिति को अपना विशेष दायित्व दिया गया है—किसी को व्यवस्था संभालनी है, किसी को आवास तो किसी को अतिथि स्वागत। सभी टीमें तय रूपरेखा के अनुसार लगातार मीटिंग और तैयारी में लगी हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह आयोजन सिर्फ धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनकल्याण का एक बड़ा संकल्प है।

बाहरी जिलों से भी आने लगे साधक, माहौल बना पावन

कार्यक्रम की घोषणा होते ही आसपास के जिलों से लेकर दूर-दराज़ के राज्यों तक से गायत्री परिवार के साधकों का आगमन शुरू हो गया है। आयोजन स्थल के आस-पास वातावरण में भक्ति और उत्साह साफ महसूस किया जा सकता है। प्रवेश द्वार से लेकर मंच तक सभी जगह सजावट का काम भी जारी है।

चार दिनों तक आध्यात्मिक उमंग, तैयारियों को अंतिम रूप

निर्धारित तिथियों से पहले ही पूरी टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि यज्ञ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। यज्ञ शाला, आवास व्यवस्था, भोजन व्यवस्था और साफ-सफाई हर मोर्चे पर कार्यकर्ता तेजी से जुटे हैं।

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