महोबा में ठंड ने एक बार फिर लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। रविवार की सुबह घने कोहरे के साथ हुई, जिसने चारों तरफ सफेद चादर सी बिछा दी। दिन चढ़ने के बाद भी धूप के दर्शन नहीं हुए। सर्द हवाओं के चलते गलन का अहसास बना रहा और लोग पूरे दिन ठंड से बचाव के उपाय करते नजर आए।
धूप न निकलने से बढ़ी परेशानी
दिनभर आसमान में धुंध छाई रही। धूप न निकलने के कारण ठंड का असर और गहरा हो गया। घरों से निकलने वाले लोग गर्म कपड़ों में लिपटे दिखे। बाजारों में भी आम दिनों की तुलना में कम चहल-पहल रही। लोग जरूरी काम निपटाकर जल्दी घर लौटने को मजबूर हुए।
अलाव बना सहारा
ठंड से बचने के लिए शहर और कस्बों में लोग अलाव के आसपास जुटते दिखे। चौराहों, दुकानों के सामने और बस्तियों में अलाव जलाकर लोग हाथ सेंकते रहे। खासकर सुबह और शाम के समय गलन ज्यादा महसूस की गई। गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों के लिए ठंड का असर और भी ज्यादा परेशान करने वाला रहा।
यातायात पर पड़ा सीधा असर
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर सड़क यातायात पर देखने को मिला। हाईवे और मुख्य सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। कई जगहों पर चालकों को आगे का रास्ता साफ दिखाई नहीं दे रहा था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ वाहन चालकों ने रास्ते में रुकना ही बेहतर समझा और कोहरा छंटने का इंतजार किया।
देर से चलीं ट्रेनें, यात्री परेशान
कोहरे और धुंध का असर रेल यातायात पर भी पड़ा। महोबा रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचीं। यात्रियों को प्लेटफार्म पर ठंड में लंबा इंतजार करना पड़ा। ठंड और देरी के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को खासा कष्ट झेलना पड़ा।
आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम
मौसम के इस बदले मिजाज ने लोगों को सतर्क कर दिया है। गलन और ठंड के चलते लोग अभी से अगले कुछ दिनों को लेकर चिंतित हैं। फिलहाल लोग गर्म कपड़े, अलाव और सावधानी के सहारे ठंड का सामना कर रहे हैं और मौसम के सुधरने का इंतजार कर रहे हैं।

0 टिप्पणियाँ