मोहन यादव ने जन्मदिन पर
वन्यजीव संरक्षण को दी बड़ी सौगात
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्मदिन पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में सॉफ्ट रिलीज बोमा का विधि-विधान से भूमिपूजन किया। साथ ही बामनेर नदी में दुर्लभ प्रजातियों के 14 कछुओं को प्राकृतिक आवास में छोड़ा। मुख्यमंत्री ने करीब 10 किलोमीटर लंबी जंगल सफारी का आनंद लिया और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
टाइगर रिजर्व
कुल क्षेत्रफल
वर्तमान निवासी
यहां पाई जाती हैं
बामनेर नदी में छोड़े
🐆 चीतों के लिए बनेगा नया घर — सॉफ्ट रिलीज बोमा
सॉफ्ट रिलीज बोमा तकनीक — क्या है और कैसे काम करती है?
कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को चीतों के नए घर के रूप में विकसित किया जा रहा है। सॉफ्ट रिलीज बोमा के तहत चीतों को नए परिवेश में ढालने के लिए एक बड़े क्षेत्र में विशेष बाड़े (बोमा) तैयार किए जाते हैं।
लाए जाएंगे
शुरुआती निगरानी
पूर्ण पुनर्वास
🌍 क्यों है VDTR चीतों के लिए आदर्श?
विशेषज्ञों के अनुसार, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का घनत्व और घास के मैदान चीतों के लिए बेहद अनुकूल हैं। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पाई जाती है जो चीतों के प्राकृतिक आवास के समान है। मुख्यमंत्री ने कहा — "कूनो के बाद अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व चीतों की अठखेलियों का नया केंद्र बनेगा।"
🐢 बामनेर नदी में छोड़े गए 14 दुर्लभ कछुए
दो विशिष्ट प्रजातियां — बामनेर नदी विमुक्तीकरण
महत्वपूर्ण भूमिका
संतुलन में सहायक
विशेषज्ञों के अनुसार, ये प्रजातियां नदी की स्वच्छता बनाए रखने और जलीय जैव-विविधता के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये कछुए मृत जीवों और जलीय वनस्पतियों का आहार करके नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखते हैं।
🌿 वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व — MP का सबसे बड़ा रिजर्व
📍 भौगोलिक विस्तार
2,339 वर्ग किलोमीटर में फैला यह रिजर्व मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। यह सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों तक फैला हुआ है। इसे 'लैंड ऑफ वुल्व्स' (भेड़ियों की धरती) के नाम से भी जाना जाता है।
🌟 इको-टूरिज्म संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना वन्यजीव संरक्षण को मजबूती देगी और बुंदेलखंड में इको-टूरिज्म और रोजगार के नए द्वार खोलेगी। देशभर के वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
वन्यजीव जैव-विविधता — वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व
🦁 स्तनधारी
🐢 जलीय जीव
🦅 पक्षी
🐆 आने वाले
📍 3 जिले
🌾 किसान के खेत पर खाट पर बैठकर किया बुंदेली भोजन
🍽️ पारंपरिक बुंदेली भोज — किसान हरदास रैकवार के खेत पर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान हरदास रैकवार के खेत पर जाकर ग्रामीण परिवेश का अनुभव किया। कृषक परिवार ने कलश रखकर, चंदन-रोरी का तिलक लगाते हुए पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आम के वृक्ष की छांव में खाट पर बैठकर भोजन ग्रहण किया और भोजन से पहले गौ माता को चारा खिलाया। उन्होंने किसान से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी भी ली।

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