उत्तर प्रदेश के झांसी में रेलवे की ऐतिहासिक विरासत को संजोकर रखा गया है। यहां DRM (डिविजनल रेलवे मैनेजर) ऑफिस परिसर में एक पुराना स्टीम इंजन स्थापित किया गया है, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
यह स्टीम इंजन भारतीय रेलवे के शुरुआती दौर की तकनीक और इतिहास की झलक पेश करता है। कभी यही इंजन रेलवे संचालन की पहचान हुआ करते थे, लेकिन आधुनिक तकनीक आने के बाद इन्हें सेवा से हटा दिया गया। अब इन्हें विरासत के रूप में संरक्षित किया जा रहा है।
स्थानीय लोग और रेलवे कर्मचारी इस इंजन को देखने आते हैं और इसके साथ तस्वीरें भी लेते हैं। यह इंजन नई पीढ़ी को यह समझाने का काम करता है कि किस तरह भारतीय रेलवे ने समय के साथ तकनीकी बदलावों का सफर तय किया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में रेल सेवा की शुरुआत 19वीं सदी में स्टीम इंजनों से हुई थी, जो आज देश की समृद्ध रेलवे विरासत का अहम हिस्सा हैं।

0 टिप्पणियाँ