चित्रकूट। नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट की सेवाओं का विस्तार अब काशी तक हो रहा है। ट्रस्ट द्वारा वाराणसी में आधुनिक सुविधाओं से लैस सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया है। ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं निदेशक डॉ. इलेश जैन के मुताबिक अस्पताल का जल्द ही भव्य शुभारंभ किया जाएगा।
श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के चित्रकूट स्थित सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय को आधुनिक नेत्र चिकित्सा और ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने के लिए जाना जाता है। ट्रस्ट की आधिकारिक जानकारी के अनुसार डॉ. इलेश जैन इसके प्रशासनिक एवं ट्रस्टी पद की जिम्मेदारी संभालते हैं।
काशी में मिलेंगी आधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाएं
डॉ. इलेश जैन ने बताया कि वाराणसी में तैयार किए जा रहे नए नेत्र चिकित्सालय में आंखों से संबंधित विभिन्न रोगों के उपचार की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। यहां मोतियाबिंद, रेटिना, कॉर्निया, ग्लूकोमा और ऑक्युलोप्लास्टी जैसी विशेषज्ञ सेवाओं के साथ आई बैंक, पुतली प्रत्यारोपण और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य केवल काशी के लोगों को बेहतर नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि वाराणसी आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को भी जरूरत पड़ने पर आंखों के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है।
आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगी सेवा
डॉ. जैन के अनुसार वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में 24 सद्गुरु नेत्र जांच केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को प्रारंभिक जांच और आवश्यक उपचार के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें विशेषज्ञ अस्पताल तक रेफर किया जा सकेगा।
सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट लंबे समय से सामुदायिक नेत्र चिकित्सा और ग्रामीण क्षेत्रों में आउटरीच सेवाओं पर काम कर रहा है। ट्रस्ट का सामुदायिक नेत्र चिकित्सा विभाग दूरदराज के लोगों तक सुलभ और किफायती नेत्र सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित है।
‘विजन और मिशन साफ हो तो लक्ष्य हासिल करना आसान’
अपने चित्रकूट और काशी के बीच लगातार काम करने के सवाल पर डॉ. इलेश जैन ने कहा कि पूज्य गुरुदेव का आशीर्वाद और प्रेरणा काम को आगे बढ़ाने की ताकत देती है। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए विजन और मिशन स्पष्ट होना जरूरी है।
उन्होंने स्वर्गीय पद्मश्री डॉ. बीके जैन के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस काम की जिम्मेदारी मिली है, उसे नए आयाम तक पहुंचाने के लिए स्पष्ट सोच, समर्पण और निरंतर प्रयास जरूरी हैं।
चित्रकूट से काशी तक सेवा का विस्तार
सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय चित्रकूट ने दशकों में सामुदायिक नेत्र चिकित्सा का एक बड़ा नेटवर्क विकसित किया है। भारत सरकार की जानकारी के मुताबिक संस्थान ने ग्रामीण और वंचित आबादी तक नेत्र सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ट्रस्ट की ओर से वाराणसी में भी नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार पहले से किया जा रहा है। वर्ष 2022 में ‘स्वास्थ्य दृष्टि समृद्ध काशी’ कार्यक्रम के तहत वाराणसी में घर-घर नेत्र जांच और जरूरतमंद मरीजों की सर्जरी की पहल भी की गई थी।
नए अस्पताल के शुरू होने के बाद काशी और आसपास के क्षेत्रों में नेत्र रोगियों के लिए विशेषज्ञ उपचार की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने की उम्मीद है।


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