रैपुरा, पन्ना। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर जहां देशभर में उनके सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और सादगी के संदेश को याद किया जा रहा है, वहीं पन्ना जिले के रैपुरा कस्बे में गांधी चबूतरे की बदहाल स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। पंचायत भवन के ठीक बाहर स्थित गांधी चबूतरे पर लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा की नाक टूटी हुई है, चश्मा क्षतिग्रस्त है और ऊपर का छप्पर भी जर्जर हालत में पहुंच चुका है।
विडंबना यह है कि यह गांधी चबूतरा ग्राम पंचायत के नए भवन के ठीक बाहर स्थित है। यहां से पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का नियमित आना-जाना रहता है। इसके बावजूद लंबे समय से प्रतिमा और चबूतरे की मरम्मत नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
जर्जर मंच और क्षतिग्रस्त प्रतिमा
ग्राम पंचायत भवन के बाहर दाहिनी ओर स्थित गांधी चबूतरे का मंच कई जगह से जर्जर हो चुका है। ऊपर लगी छत में जगह-जगह छेद हैं। टीन शेड को सहारा देने वाले लोहे के फ्रेम और पाइप भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
मंच पर स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा की नाक टूटी हुई है, जबकि दाहिनी आंख पर लगा चश्मा भी क्षतिग्रस्त है। प्रतिमा पर ओढ़ाई गई चादर की स्थिति भी खराब बताई जा रही है। ऐसे में गांधी जयंती के मौके पर स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक स्थल के रखरखाव पर सवाल उठाए हैं।
राष्ट्रीय पर्वों पर जुटते हैं स्कूली बच्चे
गांधी चबूतरे का रैपुरा में सामाजिक और ऐतिहासिक महत्व भी है। यहां वर्षों से स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया जाता है। इन कार्यक्रमों में कस्बे के विभिन्न स्कूलों के बच्चे भी शामिल होते हैं।
ध्वजारोहण के बाद झंडा चौक पर भी कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। ऐसे में गांधी चबूतरा केवल प्रतिमा स्थापित करने का स्थान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पर्वों से जुड़ी स्थानीय परंपरा का हिस्सा है।
करीब तीन दशक पुराना है गांधी चबूतरा
स्थानीय जानकारी के मुताबिक 1996-97 में तत्कालीन सरपंच कुशिया बाई और उपसरपंच अशोक जैन के कार्यकाल में गांधी चबूतरे का निर्माण कराया गया था। इसी दौरान यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित की गई और राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण की परंपरा शुरू हुई।
इससे पहले करीब 1985-86 के दौरान यह स्थान रामलीला मैदान के रूप में इस्तेमाल होता था। कुछ समय तक यहां रामलीला का आयोजन किया गया और आज भी इसी मंच पर रामलीला का मंचन किए जाने की जानकारी स्थानीय लोगों ने दी है।
मरम्मत और संरक्षण की मांग
ग्राम पंचायत के नए भवन के सामने स्थित इस ऐतिहासिक स्थल की बदहाली ने रखरखाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत स्तर पर अन्य विकास कार्यों के साथ गांधी चबूतरे और प्रतिमा की मरम्मत व संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
गांधी जयंती के अवसर पर लोगों ने उम्मीद जताई कि पंचायत के जिम्मेदार जल्द ही चबूतरे की मरम्मत कराएंगे और महात्मा गांधी की प्रतिमा को सम्मानजनक स्वरूप दिया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय पर्वों पर यहां आने वाले बच्चों और नागरिकों को बापू की उपेक्षा नहीं, बल्कि उनके आदर्शों की झलक दिखाई दे।
रैपुरा, पन्ना से सुरेश सोनी की खास रिपोर्ट | बुंदेलखंड 24x7
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