ललितपुर। यूपीआई (UPI) लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर व्यापारियों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। ललितपुर में भी व्यापारियों ने प्रस्तावित MDR (Merchant Discount Rate) शुल्क के विरोध में प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर शुल्क व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की।
दैनिक भास्कर की खबर के अनुसार, व्यापार मंडल से जुड़े पदाधिकारियों और व्यापारियों ने यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर नाराजगी जताई। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान आज छोटे दुकानदारों और आम ग्राहकों के लिए रोजमर्रा के लेनदेन का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। ऐसे में इस पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से कारोबारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
UPI शुल्क को लेकर व्यापारियों में नाराजगी
व्यापारियों ने कहा कि सरकार की ओर से लंबे समय से डिजिटल और कैशलेस भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है। यूपीआई के जरिए भुगतान करना छोटे दुकानदारों से लेकर ग्राहकों तक सभी के लिए आसान और सुविधाजनक हो गया है।
व्यापारियों का तर्क है कि यदि यूपीआई लेनदेन पर MDR शुल्क लगाया जाता है तो इसका सीधा असर कारोबार की लागत पर पड़ेगा। खासकर छोटे और फुटकर व्यापारियों के लिए अतिरिक्त शुल्क परेशानी बढ़ा सकता है।
प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रस्तावित यूपीआई शुल्क को वापस लेने अथवा इस पर दोबारा विचार करने की मांग की गई।
व्यापारियों ने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के लिए इसे सरल और शुल्कमुक्त बनाए रखना जरूरी है। उनका कहना है कि यूपीआई पर शुल्क लागू होने से कुछ व्यापारी दोबारा नकद लेनदेन की ओर जा सकते हैं।
छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
व्यापारियों के मुताबिक बड़े कारोबारियों की तुलना में छोटे दुकानदार और फुटकर व्यापारी अतिरिक्त भुगतान शुल्क से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-छोटे डिजिटल लेनदेन करने वाले कारोबारियों के लिए शुल्क अतिरिक्त आर्थिक भार बन सकता है।
व्यापार मंडल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यूपीआई पर प्रस्तावित MDR शुल्क को लागू न किया जाए और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को शुल्कमुक्त बनाए रखने पर विचार किया जाए।
व्यापारियों ने जताई आगे भी विरोध की बात
ज्ञापन सौंपने के दौरान व्यापारियों ने कहा कि यूपीआई देश में डिजिटल भुगतान की मजबूत व्यवस्था बन चुका है। ऐसे में इस व्यवस्था पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के बजाय इसे और सरल बनाने की जरूरत है।
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आगे भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन और विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।

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